Stubble Solution : पराली समाधानः किसानों और पर्यावरण के लिए ट्राइडेंट फाउंडेशन ने की पहल।

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पराली समाधान
पराली समाधान
  • पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मशीनरी उपलब्ध कराने और उन्हें पराली के जलाने से होते नुकसान से अवगत कराने को गांव-गांव जा रही ट्राइडेंट फाउंडेशन की मोटीवेशन टीम।

Aaj Samaj (आज समाज), Stubble Solution, अखिलेश बंसल, बरनाला/चंडीगढ़:

ट्राइडेंट ग्रुप के समर्पित सीएसआर विंग ट्राइडेंट फाउंडेशन व ग्लोबल टैक्सटाइल समूह ने पराली समाधान के लिए पहल की है। ट्राइडेंट फाउंडेशन ने पंजाब के जिला बरनाला और आस-पास के गावों में फसल अवशेष यानी पराली के प्रबंधन और निपटान के लिए मशीनरी उपलब्ध कराने किसानों की मदद कर रहा है। यह जानकारी ट्राइडेंट फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती मधु गुप्ता ने दी है। उन्होंने बताया कि ट्राइडेंट फाउंडेशन का वर्ष-2023 पराली समाधान कार्यक्रम का है। फाउंडेशन, पराली जलाने की समस्या का समाधान करके वायु प्रदूषण को रोकने और स्थानीय लोगों की मदद लिए प्रतिबद्ध हैं। संस्था का लक्ष्य वायु प्रदूषण को कम करके प्रकृति को फायदा पहुंचाकर समुदाय का व्यापक तौर पर कल्याण करना है।

किसानों को ऐसे कर रहा फाउंडेशन सशक्त।

ट्राइडेंट फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती मधु गुप्ता ने कहा कि मौजूदा हालात यह हैं कि पूरा उत्तर भारत क्षेत्र गंभीर वायु प्रदूषण संकट में है और एक्यूआई 470 तक पहुंच गया है, जिससे साँस लेना तक मुशिकल हो गया है। ट्राइडेंट फाउंडेशन, ‘पराली समाधान योजना’ के जरिए किसानों को आवश्यक मशीनरी उपलब्ध कराने और सामान्य ज्ञान के माध्यम से पराली जलाने की समस्या दूर करने और पराली प्रबंधन करने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि हरित और स्वस्थ भविष्य के लिए इस वर्ष उनकी संस्था मानक को ऊपर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री मति गुप्ता ने कहा ट्राइडेंट फाउंडेशन ट्राइडेंट फाउंडेशन की पहल, “पराली समाधान” न केवल स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करता है बल्कि ग्रामीण आबादी का कल्याण भी सुनिश्चित करता है। कंपनी पर्यावरण की देखभाल के साथ ही एक स्वस्थ समुदाय के निर्माण के लिए समर्पित है।

फाउंडेशन ने गत वर्ष उठाई 75 सौ टन पराली।

श्रीमति गुप्ता ने कहा कि कृषि अवशेष जलाना प्रकृति और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक व खतरनाक प्रथा है यह देश के पर्यावरण को संकट में डाल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में, ट्राइडेंट फाउंडेशन ने 3000 एकड़ से अधिक भूमि को प्रभावित करने वाले खेतों से 7500 टन पराली को सफलतापूर्वक उठाया और लगभग 8000 टन/वर्ष से अधिक सीओटू (सीओ2) के समतुल्य ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी ) उत्सर्जन को कम करके बेहतर वायु गुणवत्ता में मदद करते हुए किसानों और निवासियों को लाभ प्रदान किया है।

विभिन्न क्षेत्र में ट्राइडेंट ग्रुप ने बनाई पहचान:

गौरतलब है ट्राइडेंट लिमिटेड वर्टीकली इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल (यार्न, बाथ व बेड लिनेन), कागज (व्हीट स्ट्रा बेस्ड) का निर्माता है। भारत में होम टेक्सटाइल के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक है। कपड़ा, कागज और रसायन सहित तीन प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में काम कर रही कंपनी की विनिर्माण सुविधाएं पंजाब और मध्य प्रदेश में स्थित हैं। ट्राइडेंट ग्रुप ने भारतीय व्यापार जगत (तौलिये, धागे, बेडशीट और कागज व्यवसाय) तथा खेल जगत में अलग पहचान कायम की है। नेश्नल, कैप्टिव व रिटेल स्वामित्व वाले ब्रांडों की आपूर्ति करने के साथ कंपनी ने उपभोक्ताओं, वेंडर्स व कई अन्य सरकारी संगठनों से प्रोडक्ट की क्वालिटी, सामाजिक जिम्मेदारी व पर्यावरण प्रबंधन को सुनिश्चित करने में कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए हैं।

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