पंजाब में हुए सभी ब्लास्ट की जांच एनआईए को करनी चाहिए, ताकि इनके बीच के लिंक का पता लगाया जा सके
Punjab News Update (आज समाज), चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तीन महीने में हुए दूसरे बड़े ब्लास्ट की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि राजपुराझ्रशंभू रेल ट्रैक देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है और अगर यह विस्फोट सफल हो जाता, तो भारी जनहानि हो सकती थी। यह घटना सुरक्षा में गंभीर चूक है और इसके संभावित परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले मामले में भी अब तक कोई स्पष्ट जानकारी या जवाबदेही नहीं दे पाई है। जिससे जांच और रोकथाम के उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में एक बार फिर आतंकी ताकतें सिर उठाने लगी हैं। पंजाब को फिर से आतंकवाद की तरफ धकेलने की कोशिश की जा रही है।
पहले भी लंबे आतंकवादी दौर से गुजर चुका प्रदेश
पंजाब पहले ही काले दौर से गुजर चुका है। रंधावा ने आरोप लगाया कि पंजाब में इस तरह के ब्लास्ट के बाद भीसरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन महीने के भीतर इस दूसरी ब्लास्ट की घटना के अलावा गुरदासपुर हादसे, मोड ब्लास्ट और थानों पर हुए बम ब्लास्ट मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को शुरू कर देनी चाहिए थी।
उनको इन सभी हादसों के बीच की कड़ियों को जोड़कर आरोपियों की तलाश करनी चाहिए।उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि राजपुरा-शंभू ब्लास्ट में मारे गए आरोपी जगरूप का अमृतपाल सिंह की पार्टी से संबंधित होना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जांच होनी चाहिए। इसमें जो भी आरोपी हों सभी कार्रवाई की जानी चाहिए।
केंद्र को भी करना होगा फोकस
जिस तरह से गैंगस्टरों ने सिर उठाया है, ये सिर्फ पंजाब ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सिक्योरिटी की भी बात है। पूर्व डिप्टी सीएम रंधावा ने कहा कि केंद्र सरकार को भी इस घटना से बाहर नहीं रखा जा सकता है। क्योंकि पंजाब का 50 किलोमीटर बार्डर बीएसएफ के कंट्रोल में है। पाकिस्तान की हर समय भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश बनी रहती है। बार्डर पार से ड्रोन के जरिए विस्फोटक, हथियार और ड्रग्स आ रहे हैं।
बॉर्डर पर तैनात किए जाएं रडार
केंद्र उस पर रोक नहीं लगा पा रही है। अभी तक बार्डर पर कोई राडर सिस्टम तैनात नहीं किया गया है और न ही नाकाबंदी उस स्तर पर की जा रही है। जिसके चलते बुरी ताकतों का डर खत्म हो रहा है।उन्होंने पंजाब सरकार से कहा कि वह इन सभी ब्लास्टों के अलावा मोड ब्लास्ट का भी जवाब दे। बताए कि गैंगस्टरों को कौन प्रोटेक्ट कर रहा है।रंधावा ने केंद्र सरकार से अपील की है कि भाजपा के सांसदों को पैरामिलिटरी सिक्योरिटी देने की बजाए, इनकी तैनाती बार्डर पर करनी चाहिए। ताकि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा जा सके। क्योंकि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को लोग कभी माफ नहीं करेंगे।
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