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कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत कर लौटी अदिति

  • अदिति के सम्मान में मेयर हाउस पर सम्मान समारोह का किया गया आयोजन
  •  मेयर, विधायक समेत कई विशिष्ठ लोगों ने फूलमालाएं पहनाकर अ‌‌दिति का किया सम्मान

प्रभजीत सिंह लक्की, यमुनानगर :

लंदन में आयोजित कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत कर लौटी बूड़िया निवासी अदिति रघुवंशी का वीरवार को शहर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने पर उसके सम्मान में वीरवार को मेयर हाउस पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

चयन होने के बाद दिल्ली में ली ट्रेनिंग

समारोह में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, मेयर मदन चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, कराटे कोच जय प्रकाश, जिला खेल अधिकारी राजेंद्र गुप्ता, पार्षद विनोद मरवाह, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू व अन्य ने फूलमालाएं पहनाकर व ढोल बजाकर अदिति रघुवंशी का स्वागत किया।अदिति ने बताया कि उसने नेहरू पार्क स्थित अकादमी ऑफ मार्शल आर्ट में अभ्यास किया। उसके राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर ही उसका चयन कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप-2022 के लिए हुआ। इसमें चयन होने के बाद उसने दिल्ली में ट्रेनिंग की। यह चैंपियनशिप आठ से दस सितंबर तक लंदन में हुई। इसमें उसने प्लस 68 किलोग्राम भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व किया। उसका मुकाबला दो बार इंग्लैंड और एक बार ऑस्ट्रेलिया से हुआ। दोनों देशों के खिलाड़ियों के साथ उसके कड़े मुकाबले हुए और कांस्य पदक पर कब्जा किया। उसका सपना ओलंपिक में देश के लिए खेलने और पदक जीतने का है। इसके लिए वह लगातार 12 वर्षों से अभ्यास कर रही है। अब कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने पर उसकी वर्ल्ड गेम्स में पदक लाने के लिए तैयारी होगी।

लंदन में जाकर देश के लिए जीता पदक

इस दौरान ‌मेयर मदन चौहान व विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने पदक विजेता अदिति को आशीर्वाद दिया। मेयर चौहान ने कहा कि बेटियां आज किसी से भी कम नहीं है। खेल का मैदान हो, विज्ञान हो या शिक्षा का क्षेत्र हो। हर क्षेत्र में बेटियां सबसे आगे बढ़कर चल रही है। इसका ‌ताजा उदाहरण अदिति है। जिसने लंदन में जाकर देश के लिए पदक जीता। दूसरे देश में जाकर वहां से पदक जीतकर लाना बहुत ही गौरव की बात है। अदिति ने यमुनानगर के साथ साथ हरियाणा व देश का नाम भी रोशन किया है। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि प्रतिस्पर्धा में खेलते समय बहुत दबाव होते है। अदिति ने उसे बताया कि खेलने से पहले उसके मन में बहुत उधेड़बुन चल रही थी। लेकिन मैट पर आते ही उसके मन में प्रतिस्पर्धा जीतने का ही भाव आया। उसके बाद उसने अपना पूरा ध्यान प्रतिस्पर्धा जीतने में लगाया। जिससे वह कांस्य पदक जीती। इसके लिए बूड़िया क्षेत्रवासियों व जिला वासियों का बधाई। आज बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। ताकि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़े।

12 साल की उम्र से किया कराटे का अभ्यास शुरू –

अदिति ने बताया कि उसे खेल के लिए परिवार में पोल्ट्री फार्म संचालक पिता राकेश रघुवंशी और माता मधु रघुवंशी, बुआ के बेटे रामपुरा निवासी संजीव का पूरा सहयोग रहा। इनके अलावा कोच जय प्रकाश ने कुशल प्रतिनिधित्व से वह इस मुकाम को हासिल करने में सफल हो पाई। अदिति के भाई साहिल ने बताया कि अदिति का बचपन से ही खेलों में रुझान रहा है। महज 12 वर्ष की उम्र में ही उसने कराटे का अभ्यास शुरू कर दिया था, तब वह जगाधरी के सरस्वती स्कूल में थी। जहां इस खेल में उसकी रुचि बढ़ती चली गई। इस स्कूल से 12वीं कर डीएवी गर्ल्स कॉलेज से ग्रेजुएशन की। इस दौरान पढ़ाई के साथ अदिति का कराटे का अभ्यास चलता रहा और वह एक के बाद एक जिला, राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण, रजत व कांस्य पदकों की झड़ी लगा रही है। स्कूल के बाद वह अकादमी ऑफ मार्शल आर्ट में अभ्यास किया। अब उसका सपना ओलंपिक में देश के लिए खेलने और पदक जीतने का है।

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