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हकेवि में विश्व जल दिवस के अवसर पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित World Water Day 2022

नीरज कौशिक, महेंद्रगढ़ :
World Water Day 2022 : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के अंतर्गत आने वाले पर्यावरण अध्ययन विभाग द्वारा विश्व जल दिवस 2022 के अंतर्गत एन्वायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज डिपार्टमेंट, पंचकुला, हरियाणा की साझेदारी में विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। ग्राउंड वाटरः मेकिंग द इनविजिबल विजिबल थीम पर केंद्रित इस विशेषज्ञ व्याख्यान में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रो. मनोज के. पंडित व यूनिवर्सिटी डी पिकार्डी फ्रांस के प्रो. राजबीर सिंह सांगवान विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस अवसर पर कहा कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भारत के संदर्भ में भविष्य के लिए एक महत्त्वपूर्ण चुनौती है। उन्होंने इस अवसर पर जल संसाधनों विशेषकर भूजल संरक्षण और उसके प्रबंधन के विषय में विशेष रूप से प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ व इसके आसपास के इलाकों में योजनागत ढ़ंग से प्रयास करने की आवश्यकता है।

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विशेषज्ञ वक्ता प्रो. मनोज के. पंडित ने जल संरक्षण की महत्ता व उसके लिए आवश्यक प्रयासों पर डाला प्रकाश (World Water Day 2022)

विशेषज्ञ वक्ता प्रो. मनोज के. पंडित ने अपने संबोधन में जल की हाइड्रोकैमिस्ट्री और जलवायु परिवर्तन में उनके अनुप्रयोगों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समझाया कि प्राकृतिक संसाधन पानी भविष्य के लिए कितना उपयोगी है। उन्होंने विस्तार से जल संरक्षण की महत्ता व उसके लिए आवश्यक प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इसी क्रम में प्रो. राजबीर सिंह सांगवान ने प्लांट बायोटैक्नोलॉजी एंड मेटाबोलिक इंजीनियरिंग फॉर क्रॉप इम्प्रूवमेंट एंड इंडस्ट्रीयल एम्पीलेशन विषय पर विस्तार से जानकारी दी। प्रो. सांगवान ने बताया कि कैसे जैव और कैस्पर टेक्नोलॉजी रेगिस्तानी क्षेत्रों में पौधे उगाने में सहायक है।

भारत में पानी की समस्या और उसकी समान उपलब्धता के विषय में डाला प्रकाश (World Water Day 2022)

उन्होंने आगे बताया कि इन तकनीकों के माध्यम से वाष्पोत्सर्जन की दर को कम किया जा सकता है। स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज की अधिष्ठाता व शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान ने अतिथियों का स्वागत किया और विश्व जल दिवस के लिए निर्धारित थीम के विषय में प्रतिभागियों को बताया। (Latest Mahendragarh News)उन्होंने भारत में पानी की समस्या और उसकी समान उपलब्धता के विषय में भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम की समन्वयक व पर्यावरण अध्ययन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मोना शर्मा ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने इस मौके पर जल संकट से निपटने के लिए नदियों को जोड़ने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रो. पवन मौर्य और प्रो. सुरिंदर सिंह ने प्रख्यात वक्ताओं का परिचय कराया।

इस अवसर पर ये सभी रहे उपस्थित (World Water Day 2022)

इस अवसर पर शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. कांति प्रकाश, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. कल्प भूषण, डॉ. सुषमा, डॉ. मारुति सहित विभिन्न विभागों के विभागध्यक्ष, शिक्षक, विद्यार्थी व शोधार्थी उपस्थित रहे।

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