Pushpadanta Sagar Maharaj : 24 वर्षों बाद ऐतिहासिक नगरी पानीपत में होने जा रहा है पुष्पगिरी प्रणेता गणाचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश

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Panipat News/Pushpadanta Sagar Maharaj
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Aaj Samaj (आज समाज),Pushpadanta Sagar Maharaj, पानीपत: ऐतिहासिक नगरी धार्मिक नगरी पानीपत की पावन पुण्य धरा पर 24 वर्षों बाद पुष्पगिरी प्रणेता गणाचार्य पुष्पदंत सागर महाराज का आज भव्य मंगल प्रवेश होने जा रहा है। आचार्यो के आचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर महाराज पुष्पगिरी से विहार करते हुए भिण्ड, इटावा, ग्वालियर, मुजफ्फरनगर, देहरादून, अम्बाला व‌ करनाल होते हुए इतिहासिक नगरी पानीपत जैन मंदिर जैन‌ माहौल्ला में मंगल प्रवेश आज 8 जून को होगा।
  • वीरवार 8 जून को पानीपत श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जैन महोल्ला में आचार्य ससंघ का होगा भव्य मंगल प्रवेश

जैन मुनियों की तपस्या सबसे उत्तम तपस्या

आज 7 जून को आचार्य का पैदल विहार करनाल से प्रारंभ हुआ और पानीपत अंसल में संपन्न हुआ। विहार शके दौरान मनिंदरजीत सिंह बिट्टा (चेयरमैन ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट) ने आचार्य के दर्शनों का लाभ लिया और साथ ही घरौंडा में कुछ देर विहार में भी आचार्य के संग पैदल चल उन्होंने कहा जैन धर्म के संतो से सदैव मुझे प्रेरणा मिलती है। जैन धर्म आदि अनंत धर्म है और जैन मुनियों की तपस्या सबसे उत्तम तपस्या है। आचार्य के भव्य स्वागत की तैयारी श्री दिगंबर जैन पंचायत पानीपत द्वारा की पूर्ण कर ली गई है।

आचार्य की भव्य आगवानी करेगा जैन समाज

आचार्य की भव्य आगवानी सकल जैन समाज के द्वारा बड़े भव्य रुप से डां रंजन द्वारा स्काईलार्क रोड पर की जाएगी। उसके पश्चात भव्य शोभायात्रा डां रंजन द्वार से प्रारंभ होकर सलार गंज गेट, रोशन महल, गुड मंडी बाजार, जैन धर्मशाला से होते हुए बड़ा जैन मंदिर जैन मोहल्ला में पहुंचेगी। तत्पश्चात आचार्य के प्रवचनओं का लाभ भी समाज के लोगों को प्राप्त होगा। आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया आचार्य श्री पुष्पदंत सागर जिनकी प्रेरणा से भोपाल इंदौर हाईवे पर देवास जिले में भव्य पुष्पगिरी तीर्थ का निर्माण हुआ है। आचार्य के ही पावन कर कमलों से ही क्रांतिकारी राष्ट्रसंत आचार्य तरुण सागर, आचार्य  प्रज्ञा सागर, आचार्य प्रसन्न सागर, आचार्य सौरभ सागर, आचार्य पुलक सागर, आचार्य प्रमुख सागर, आचार्य प्रमाण सागर जैसे राष्ट्रसंतों की दीक्षा हुई है।

पहले तीन बार पानीपत आ चुके है आचार्य

आचार्य का पावन सानिध्य पानीपत को इससे पहले तीन बार प्राप्त हुआ है। वर्ष 1997 में आचार्य का पानीपत में पहली बार प्रवेश हुआ था और इसी अवसर पर पानीपत की धरा पर पहली बार लोगों ने गुरु शिष्य का मिलन का भव्य नजारा देखा था।तत्पश्चात सन 1999 में श्री दिगंबर जैन मंदिर हुड्डा के पंचकल्याणक में भी आचार्य ससंघ का सानिध्य प्राप्त हुआ था और सन 1999 में ही दिसंबर माह में श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जैन महोल्ला के नवीन जिनालय के वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव भी आचार्य के सानिध्य में हुआ था यह आचार्य का तीसरा प्रवास पानीपत में रहा था। उसके पश्चात अब आचार्य श्री ससंघ 24 वर्षों के बाद पानीपत समाज को अपना आशीर्वाद देने आ रहे हैं। मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा चैयरमेन (आल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट) ने आचार्य श्री के दर्शनो का लाभ लिया और कुछ देर विहार में भी साथ चले।
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