Jammu-Kashmir News : जम्मू-कश्मीर भारत का पूर्णतः आंतरिक मामला : पी हरीश

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Jammu-Kashmir News : जम्मू-कश्मीर भारत का पूर्णतः आंतरिक मामला : पी हरीश
Jammu-Kashmir News : जम्मू-कश्मीर भारत का पूर्णतः आंतरिक मामला : पी हरीश

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

Jammu-Kashmir News (आज समाज), नई दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पी. हरीश ने एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर मामले में पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का पूर्णतया आंतरिक मामला है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है और रहेगा’।

इस दौरान उन्होंने ने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र मंच के सह-अध्यक्ष के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करने और निष्पक्ष रहने के बजाय इसका राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। इस दौरान पी. हरीश ने कहा कि यह अविश्वसनीय है कि एक सह-अध्यक्ष, जिनसे संतुलित और निष्पक्ष आचरण की अपेक्षा की जाती है। उसने इस मंच का राजनीतिकरण करने का विकल्प चुना है।
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चीन और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से किया बैठक् का आयोजन

इस बैठक का आयोजन चीन और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था, जिसकी सह-अध्यक्षता उनके राजदूतों ने की है। पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने कश्मीर मुद्दे को उठाया, जैसा कि उनका देश हर अवसर पर करता है। मंगलवार का मंच तथाकथित अरिया फॉमूर्ला बैठक थी, जो परिषद द्वारा अनौपचारिक रूप से आयोजित की जाती है जिसमें इच्छुक राष्ट्रों, अधिकारियों, संगठनों और व्यक्तियों की भागीदारी होती है। इसका नाम वेनेजुएला के एक राजनयिक, डिएगो आरिया के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने परिषद की नियमबद्ध प्रक्रियाओं और नेतृत्व को दरकिनार करने के लिए इस प्रारूप को पेश किया था।

बैठक के दौरान ये बोले पी. हरीश

हरीश ने परिषद के जनादेश की समीक्षा करने का आह्वान किया, जैसा कि संयुक्त राष्ट्र 80 प्रक्रिया में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विश्व संगठन के 80वें वर्ष में उसके कामकाज की समीक्षा करना है ताकि इसे और अधिक प्रासंगिक बनाया जा सके। उन्होंने कहा, ‘भारत इस बात पर जोर देना चाहता है कि ऐसे समय में जब सदस्य देश दक्षता हासिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के सभी आदेशों के लिए यूएन80 ढांचे के तहत जनादेश कार्यान्वयन समीक्षा कर रहे हैं, तो कोई कारण नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेश ऐसे यूएन80 ढांचे के दायरे से बाहर हों।’

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