IIT Ropar: आईआईटी रोपड़ विकसित कर रहा एआई टूल, किसान अब मोबाइल से फोटो भेजकर जान सकेंगे फसलों की बीमारी

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कार्यक्रम में एफपीओ की ओर से नार्दर्न फार्मर फेडरेशन के अध्यक्ष पुनीत सिंह थिंद ने बताया कि उत्तर भारत के एफपीओ के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं।
IIT Ropar: किसान मोबाइल से फसल की तस्वीर अपलोड कर बीमारी और कीट समस्या का उपचार जान सकेंगे।
IIT Ropar: किसान मोबाइल से फसल की तस्वीर अपलोड कर बीमारी और कीट समस्या का उपचार जान सकेंगे।

कार्यक्रम में किसानों को विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई
IIT Ropar, (आज समाज), अंबाला: हरियाणा के अंबाला में गत दिवस मार्केट कमेटी की ओर से किसान जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अंबाला के गांव बलाना स्थित माता मनसा देवी मंदिर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को कृषि एवं कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं, तकनीकों, सुविधाओं और आधुनिक संभावनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध करवाई गई।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को बताया गया कि आईआईटी रोपड़ में खेती को लेकर एआई आधारित टूल्स पर काम किया जा रहा है। जिनकी मदद से किसान अपने खेत की फसल की तस्वीर मोबाइल से अपलोड करके संभावित बीमारी या कीट समस्या तथा उसके उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसको लेकर एफपीओ की ओर से नार्दर्न फार्मर फेडरेशन के अध्यक्ष पुनीत सिंह थिंद ने पर्दा उठाया। उन्होंने बताया, फिलहाल इस पर काम हो रहा है।

प्राकृतिक एवं जैविक तरीकों की जानकारी दी

कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन, वन, बैंकिंग, स्वयं सहायता समूह, राजस्व विभाग, एफपीओ, वीटा तथा मार्केट कमेटी से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे। जिन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक तरीकों को अपनाकर मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण संरक्षण और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर करने के रास्ते बताए। एनिमल हास्टल माडल को खेती से जोड़ने चर्चा की।

5100 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा

जिसमें अपनी खेती के साथ पशुपालन को व्यवस्थित तरीके से जोड़कर माडल विकसित कर सकते हैं। पशुओं से गोबर एवं मूत्र का उचित प्रबंधन करके बायोगैस तैयार की जा सकती है। उससे निकलने वाले जैविक अवशेषों से बायो-फर्टिलाइजर तैयार किया जा सकता है। कार्यक्रम में किसानों को एक नाम – एक पौधा वितरित किया। इस अभियान के तहत 5100 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।