- मानसून ने 22 राज्यों को किया कवर
- असम के 95 से अधिक गांव बाढ़ में डूबे
- राज्य में 22 हजार से अधिक लोग बेघर
Northeast Weather, (आज समाज), नई दिल्ली: देश के पूर्वोत्तर राज्यों में इन दिनों लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन लोगों के लिए आफत बना हुआ है। असम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में नदी-नालों के उफान पर होने के कारण कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से बात करके हालात की जानकारी ली है।
अरुणाचल : हादसों में 3 लोगों की मौत

अरुणाचल के 12 जिलों में बाढ़ व भूस्खलन की घटनाओं से बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा हैं। प्रदेश के लेपाराडा और ईस्ट सियांग लांगो जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। रस्सी के सहारे लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है। वर्षाजनित हादसों में राज्य में 3 लोगों की मौत हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून तक 22 राज्यों को कसर कर चुका है। इसके बाद इसकी गति कमजोर पड़ गई है।
असम : धेमाजी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित

असम में 95 से अधिक गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। राज्य के 6 जिलों के 22 हजार से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। धेमाजी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। इस जिले के लगभग 16 हजार लोग प्रभावित हैं और सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।
धेमाजी जिले में लोहे का पुल बहा
धेमाजी जिले में केमी नदी उफान पर है और इसमें आई भीषण बाढ़ के चलते 300 मीटर लंबा लोहे का पुल भी बह गया। परिणामस्वरूप केमी-पुराना जेलोम क्षेत्र का जोनाई सदर से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। एनएच-515 भी पानी में डूब गया है। सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में फी खोला नदी पर बना बेली पुल बह गया है। आईएमडी के अनुसार पांच जुलाई तक मानसून के 22 राज्यों के अलावा बचे अन्य राज्यों में भी पहुंचने की संभावना है। देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है।
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