- केंद्र ने दी है युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह
Rajasthan Health Department, जयपुर: युगांडा से पर्यटक के तौर पर राजस्थान आई महिला में इबोला वायरस नहीं पाया गया है। राजस्थान जन स्वास्थ्य विभाग इस बात की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि इबोला जैसे लक्षण दिखने पर एहतियात के तौर पर राजधानी जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती कराई गई युगांडा की एक महिला की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
सूडान का एक नागरिक सिकंदराबाद में भर्ती
जांच के लिए महिला के सैंपल पुणे की एक विशेष प्रयोगशाला में भेजे गए थे। पुणे से मिली टेस्ट रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि महिला को इबोला वायरस का संक्रमण नहीं था। गुरुवार को, हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (आरजीआईए) पर पहुंचे सूडान के एक नागरिक को आइसोलेट करके सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल भेजा गया।
जांच के लिए भेजे गए सैंपल
हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान उनमें बुखार पाया था। गांधी अस्पताल के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मरीज के सैंपल ले लिए गए हैं और जांच के लिए सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) भेजे गए हैं। केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।
WHO : स्वास्थ्य आपात स्थिति’ घोषित
कांगो और युगांडा में इबोला बीमारी के फैलने की खबरों को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (आईएचआर), 2005 के तहत 17 मई, 2026 को इस स्थिति को ‘अंतर्राष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति’ घोषित किया। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने भी कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला वायरस बीमारी के ‘बुंडीबुग्यो स्ट्रेन’ के प्रकोप को आधिकारिक तौर पर ‘महाद्वीपीय सुरक्षा की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति’ घोषित किया है।
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