Delhi Air Quality: दिल्ली पर भारी पड़ी आतिशबाजी, वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बरकरार

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Delhi Air Quality
दिल्ली पर भारी पड़ी आतिशबाजी, वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बरकरार

Aaj Samaj (आज समाज), Delhi Air Quality, नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, समूची दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। आज सुबह कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता फिर गंभीर हो गई। दिवाली से पहले दिल्ली के लोगों को बारिश होने के कारण प्रदूषण से राहत मिली थी। बैन के बावजूद दिवाली की रात लोगों ने राजधानी में खूब पटाखे फोड़े। इसके बाद सोमवार सुबह धुंआ फिर से छा गया।

दिवाली के दिन 8 साल में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता

सीपीसीबी के अनुसार आज सुबह आरके पुरम में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 417, पंजाबी बाग में 410, आईटीओ में 430 और जहांगीरपुरी में 428 दर्ज किया गया। वहीं सोमवार को एक्यूआई 358 (बहुत खराब) दर्ज किया गया दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को दिवाली के दिन आठ साल में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता दर्ज की गई थी, जिसमें 24 घंटे का औसत एक्यूआई शाम 4 बजे 218 था।

दिल्ली ने प्रदूषण के लिए हरियाणा-यूपी को जिम्मेदार ठहराया

दिल्ली सरकार ने राजधानी में दोबारा एक्यूआई बढ़ने का ठीकरा पड़ोसी राज्य हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर फोड़ा है। दिवाली के बाद एकाएक प्रदूषण में हुए इजाफे के बाद पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को बैठक की और उसके बाद मीडिया से बातचीत में फिर बढ़ते प्रदूषण के लिए हरियाणा व यूपी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, दिल्ली में पटाखों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध है।

पटाखे यूपी और हरियाणा से दिल्ली लाए गए थे। दिल्ली, हरियाणा और यूपी की पुलिस बीजेपी के नियंत्रण में और इन तीन पुलिस बलों की निगरानी के बीच कोई भी आम आदमी आसानी से पटाखों की आपूर्ति नहीं कर सकता है। कुछ विशिष्ट लोगों ने ऐसा किया है। अगर वह सक्रियता से काम करते तो रातों रात प्रदूषण में 100 अंकों की बढ़ोतरी से हम बच सकते थे।

पटाखों पर प्रतिबंध के उल्लंघन के 40 मामले दर्ज

दिल्ली पुलिस ने शहर भर में दिवाली की रात पटाखों पर प्रतिबंध के उल्लंघन के लिए 40 मामले दर्ज किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में वायु और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पारंपरिक पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया। सीपीसीबी के अनुसार गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई। आंकड़ों से पता चला कि सुबह 5 बजे नोएडा सेक्टर-125 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 406 (गंभीर) था। नोएडा सेक्टर-62 में, एक्यूआई 377 (बहुत खराब) दर्ज किया गया और बाद में दिन में गंभीर होने की संभावना है।

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