Weather Report: गर्मी ने छुड़ाए पसीने, 146 साल बाद फरवरी सबसे गर्म, राहत के नहीं आसार

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Weather Update 1 March 2023
गर्मी ने छुड़ाए पसीने, 146 साल बाद फरवरी सबसे गर्म, राहत के नहींआसार

आज समाज डिजिटल, नई दिल्ली, (Weather Update 1 March 2023): गर्मी ने इस बार फरवरी में ही पसीने छुड़ा दिए हैं। 146 वर्षों के बाद इस बार फरवरी देशभर में सर्वाधिक गर्म रहा है और मार्च में भी गर्मी से राहत के आसार नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार इस महीने का औसत अधिकतम तापमान (29.54 डिग्री सेल्सियस) रहा जो अब तक का सबसे ज्यादा है। वहीं औसत न्यूनतम तापमान 1901 से लेकर अब तक का पांचवां सर्वाधिक रहा है।

  • दिल्ली में टूटा 17 साल का रिकॉर्ड, 2006 के बाद सबसे गर्म
  • औसत न्यूनतम तापमान 1901 से अब तक का पांचवां सर्वाधिक

मार्च से मई के बीच भी तापमान सामान्य से अधिक रहेगा

आईएमडी का कहना है कि मार्च से मई के बीच भी देशभर के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फरवरी की गर्मी ने 17 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। 2006 के बाद दिल्ली में इस साल फरवरी सबसे ज्यादा गर्म रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग के दौर में समूची दुनिया

मौसम विभाग के हाइड्रोमेट और एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज के प्रमुख एससी भान ने कहा है कि मार्च में लू की संभावना कम थी, लेकिन देश के ज्यादातर हिस्सों में अप्रैल-मई में गर्मी चरम पर पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, भारत सहित पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग के दौर में रह रही है। भान ने कहा कि देश भर में वर्षा का औसत मार्च में सामान्य (लंबी अवधि के औसत का 83-117 प्रतिशत) रहने के आसार हैं। 1971- 2020 के आंकड़ों के आधार पर मार्च में पूरे देश में वर्षा का एलपीए लगभग 29.9 मिमी है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में इस बार ये है बारिश का अनुमान

एससी भान ने कहा, उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है। दूसरी तरफ प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों, पूर्व-मध्य भारत व पूर्वोत्तर भारत के कुछ अलग- अलग इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है।

भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ला नीना की स्थिति

एससी भान के अनुसार मौजूदा समय में वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ला नीना की स्थिति बनी हुई है, जिसके कमजोर पड़ने और पूर्व-मानसून सत्र के दौरान अल नीनो के दक्षिणी दोलन (ईएनएसओ) तटस्थ स्थितियों में बदलने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा, मानसून के मौसम पर अल नीनो की स्थिति के प्रभाव का पूर्वानुाान लगाना जल्दबाजी होगी। इस अनुमान अनुमान के लिए अप्रैल बेहतर समय होगा।

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