गर्मी के मौसम का मजा तभी है जब आप बीमारियों से दूर हैं

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आईए जानते हैं सेहत से जुड़ी समस्याएं और समान्य उपाय…

गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है और इसके साथ ही सेहत से जुड़ी कई परेशानियां अपना असर दिखाने को बेकरार हैं। इस मौसम में भोजन और पानी के जल्दी सक्रमित होने का खतरा रहता है। अत्यधिक गर्मी से शरीर में कई तरह की ​बीमारियां घर कर जाती हैं और कभी—कभी ये बीमिरियों इतनी ज्यादा प्रभावशाली होती है जिससे की लोगों की मृत्यू तक हो जाती है। गर्मी में आवश्यक व्यायाम और खाने—पीने की चीजों में सीमित आहार को नियमित करना लोगों का पहला कार्य होता है। लेकिन अधिकतर लागों को पता ही नहीं होता की वह ऐसा क्या करें जिससे की गर्मी की परेशानियों से छुटकारा मिल सके। इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए आज हम आपको बताएंगे की कौन—कौन से आसान तरीकों को अपनाकर आप गर्मी के मौसम का लुत्फ बिना डरे उठा सकते हैं।

आईए जानते हैं….

सनबर्न के लक्षण—

यह सूरज की किरणों से होने वाला बर्न है। इसका असर व्यक्ति के चेहरे पर पड़ता है। सनबर्न के लक्षणों में चेहरे पर लालिमा, हल्का चक्कर और शरीर में थकान महसूस होती है।

समान्य रूप से इससे बचने के दो ही तरीके हैं पहला, आप घर से निकलने के 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाकर निकलें और दूसरा, गर्म हवा से शरीर के खुले हिस्सों को बचाने की कोशिश करें। यदि बर्न गंभीर हो और शरीर में कुछ परिवर्तन का अहसास हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

फूड पॉइजनिंग, डायरिया का प्रकोप…

अत्यधिक गर्मी के कारण खाना खराब हो जाता है। इस परेशानी से बचने के लिए अक्सर लोग खाने को फ्रिज में रखना पसंद करते हैं, इससे खाने में मौजूद पौस्टिकता समाप्त हो जाती है। सही तरीका यह है कि भोजन करने के बाद जो भी खाना बचता है उसको बाहर रखने की बजाय रेफ्रिजरेटर में रखें। खाद्य पदार्थों को सही तरीके से पकाएं क्योंकि आपके खाने से भी इस मौसम में परेशानी हो सकती है।

साथ ही खराब खाने की वजह से डायरिया की शिकायतें भी इस मौसम में बढ़ जाती हैं। खाना पकाने के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। सड़क किनारे मिलने वाली चीजों या स्ट्रीट फूड को खाने से बचें। ताजा खाना ही खाएं और पानी को उबालकर पीएं।

नाक से खून बहने की समस्या—

चिकित्सकीय भाषा में इसे एपिस्टैक्सिस कहते हैं। वैसे यह समस्या गंभीर नहीं होती है और कुछ घरेलू तरीकों से इसका इलाज किया जा सकता है।

दरअअसल गर्मियों में हवा के रूखेपन के कारण इस तरह की समस्या होती है, इसलिए नाक के दोनों छिद्रों में नमी का स्तर बनाए रखें। जब नाक से ब्लीडिंग हो रही हो तो शरीर को स्थिर रखें और आराम से सिर ऊपर की ओर करके बैठें। इससे नाक से अतिरिक्त खून के बहने से रोका जा सकता है।

हीट स्ट्रोक को नजरअंदाज न करें—

यह गर्मियों की आम समस्याओं में से एक है। लेकिन इसे नजरअंदाज करना जानलेवा भी हो सकता है। हीट स्ट्रोक के लक्षणों में सांस लेने में परेशानी, धड़कनों का तेज हो जाना, शरीर का तापमान बढ़ जाना, मतिभ्रम होना आदि शामिल है।

इससे बचने के लिए आपको कड़ी धूप खासकर दोपहर की धूम में जाने से बचना चाहिए। और साथ ​ही निकलते समय शरीर को जरूर ढकें।

 

फीचर — धीरज चतुर्वेदी

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