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जनवादी लेखक संघ जिला कैथल इकाई ने किया मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन

मनोज वर्मा, कैथल:

जनवादी लेखक संघ जिला कैथल की मासिक काव्य गोष्ठी जवाहर पार्क कैथल में डॉ मानसिंह की अध्यक्षता में हुई। मंच का संचालन संयोजक मैडम भारती ने किया। आज की काव्य गोष्ठी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी व श्री लाल बहादुर शास्त्री जी को समर्पित की गई। महात्मा गांधी जयंती पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कवयित्री निधि मान सिंह ने बापू के बारे में अपनी कविता में कहा कि, कितना खास है 2 अक्टूबर, भारत का इसमें इतिहास छिपा। बापू इस दिन जन्मे थे, नई रोशनी दिया ज्ञान नया। कवि डॉ मान सिंह ने अपनी कविता में समय के महत्व को बताते हुए कहा कि, प्यास लगी थी गजब की ….. मगर पानी में जहर था। पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते।

धर्म समाज पाक हो जाए

कवि अशोक शर्मा ने सरकार की असफलता को कुछ यूं प्रकट किया कि अब तो जागो चौकीदार, कौन है सबका जिम्मेदार, युवाओं को रोजगार नहीं है, महिला का सत्कार नहीं है, गुंडों की हो गई भरमार, अब तो जागो चौकीदार। मैडम भारती ने कवि की ताकत को बताते हुए कहा कि, धर्म समाज पाक हो जाए, झूठ का दामन चाक हो जाए। विद्रोही हो जाए कवि तो, शोषण का विनाश हो जाए। कवि नरेश ने नारी की स्वतंत्रता को इस तरह से प्रकट किया कि, बस इतनी सी है आस, खुला आसमान हो मेरे पास। जहां पंख फैलाकर उड़ पाऊं, हो बंधनमुक्त जीने का अहसास। मैडम सावित्री ने अपनी कविता में जीवन में संघर्ष की प्रेरणा देते हुए बताया कि, जीना सै तो लडऩा होगा और नहीं कुछ चारा। लूट खसोट का राज ए बेबे, मुश्किल होगा गुजारा। इस अवसर पर अशोक शर्मा, निधि मान सिंह, मैडम कविता, जयप्रकाश शास्त्री, डॉ मानसिंह, मैडम सावित्री, कवि नरेश, मैडम भारती आदि उपस्थित रहे।

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