Homeराज्यगुरदासपुर: आशा वर्करों को दो माह से नहीं मिला मेहनताना, जिला प्रशासन...

गुरदासपुर: आशा वर्करों को दो माह से नहीं मिला मेहनताना, जिला प्रशासन लगातार करा रहा टीकाकरण

गगन बावा, गुरदासपुर:
देशव्यापी कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर काबू पाने के लिए केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। इसलिए जिला प्रशासन की ओर से कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए लाखों रुपए खर्चे जा रहे हैं। सरकार की ओर से दिन-रात टीकाकरण में लगी टीमों को उचित मेहनताना देने के दावे भी किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत के अनुसार सेहत विभाग के अधिकारियों की ओर से आशा वर्कर और फैसिलिटेटर्स को कुछ नहीं दिया जा रहा। आशा वर्कर एवं फैसिलिटेटर यूनियन की प्रधान बलविंदर कौर अलीशेर और महासचिव गुरविंदर कौर ने बताया कि सेहत विभाग की ओर से बजट की कमी का बहाना बनाकर पिछले दो माह से कोई भी मान भत्ता नहीं दिया गया है। सेहत विभाग की ओर से कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए टीकाकरण टीम सदस्य को 100 रुपए खुराक भत्ता व 90 रुपए कोरोना वैक्सीन लाने और वापस सब सेंटर पर जमा करवाने के लिए देने के पत्र जारी किए गए हैं। वर्करों में रोष है कि डीसी गुरदासपुर के ध्यान में कई बार मामला लाने के बावजूद उन्हें यह मेहनताना नहीं दिया जा रहा। संगठन ने आरोप लगाया कि आशा फैसिलिटेटर से कोरोना टीकाकरण का काम लेने के बावजूद भी कोई मान भत्ता नहीं दिया जाता। ब्लॉक स्तर पर कोरोना महामारी फतेह फंड जारी न होने के कारण उन्हें आर्थिक तौर पर परेशान किया जा रहा है।
उधर संगठन की प्रेस सचिव आंचल मट्टू बटाला ने बताया कि धार्मिक व सामाजिक छुट्टियों के दौरान भी वर्करों को काम करने के लिए विवश किया जाता है। यहां तक कि वर्करों को अचानक छुट्टी, प्रसूता छुट्टी और कोई मेडिकल छुट्टी नहीं दी जाती। इसलिए संगठन की ओर से सिविल सर्जन के साथ 9 अगस्त को मीटिंग कर वर्करों की समस्याएं हल करने पर बल दिया जाएगा। अगर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता तो मंगलवार से संघर्ष शुरू किया जाएगा। संगठन की जिला नेता रजनी, कांता देवी, गुरविंदर कौर, कुलबीर कौर, निशा, हरजीत कौर, मोनिका आदि ने बताया कि मंगलवार को सभी ब्लॉकों में वर्कर और फैसिलिटेटर की ओर से पंजाब सरकार के पुतले फुके जायेंगे। संगठन के मुख्य सलाहकार अमरजीत शास्त्री ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से मान भत्ता कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिम मोर्चा की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आशा वर्करों और फैसिलिटेटर को साधारण मजदूरों के समान मेहनताना तक नहीं दिया जा रहा, जिससे उनमें रोष है। संगठन की ओर से 13 अगस्त को साझा  मुलायम फ्रंट के तहत तहसील स्तर पर होने वाली रैलियों में शामिल होने की घोषणा की गई ‌।
SHARE
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments