पटियाला, बरनाला ।  500 किसान -जत्थेबंदियों का सांझा दिल्ली -मोर्चा ऐतिहासिक होगा, जो मोदी -सरकार को 3खेती -कानूनों और बिजली संशोधन बिल-2020 वापिस लेने के लिए मजबूर कर देगा, इस मोर्चो में पंजाब की किसान -जत्थेबंदियाँ अहम भूमिका निभाएंगी। ये दावा किया भारतीय किसान यूनियन -एकता(डकौंदा) की सूबा -स्तरीय मीटिंग दौरान तर्कशील भवन, बरनाला में सूबा प्रधान पौधा सिंह बुरज़गिल्ल ने किया। बुरज़गिल्ल ने कहा कि पंजाब भर में 30 -किसान की तरफ से टोल प्लाजा, रेलवे -स्टेशन, पार्कों, अम्बानी के रिलायंस -पंपों और भाजपा नेताओं के घरों आगे पकके  -मोर्चे जोश -खरोश के साथ जारी हैं और लोग दिल्ली जाने के लिए उतावले हैं। जत्थेबंदियाँ दिल्ली साथ-साथ पंजाब के मोर्चों को भी जारी रखेंगी। जत्थेबंदियाँ मीटिंग दौरान जनरल सचिव जगमोहन सिंह पटियाला ने कहा कि विश्व व्यापार संस्था की नीतियाँ पर चलते 1991 में नरसिंम्हा -मनमोहन जोड़ी की तरफ से देश में विशवीकरन, उदारीकरण और निजीकरण की नीतियाँ लागू की गई, जिन नीतियों ने देश के जनतक -क्षेत्र को बुरी तरह बरबाद किया और निजी -क्षेत्र को लोगों की अंधाधुन्ध लूट करने के लिए खुला छोड़ दिया। केंद्र की भाजपा -सरकार ने उनहीं नीतियाँ को ओर ज़्यादा ज़ोर के साथ लागू किया है। पंजाब समेत देश भर के किसान माँग कर रहे हैं कि खेती -विरोधी कानून वापिस लिए जाएँ, परन्तु मोदी -सरकार तानाशाही रवैया अपनाते किसानों पर यह काले -कानून मढ़ रही है।
परन्तु देश -भर की 500 किसान -जत्थेबंदियों ने यह दिखा दिया है कि किसान किसी भी कीमत पर इन कानूनों को लागू नहीं होने देंगे। भारतीय किसान यूनियन -एकता(डकौंदा) सांझे -किसान मोर्चो का नेतृत्व में पंजाब की 30 -किसान -जत्थेबंदियों के बड़े -काफ़िलों के साथ खनौरी रास्ते से दिल्ली की तरफ कूच करेगा। मीटिंग दौरान सूबे भर से आए ज़िला -प्रधानों और सचिवों को झंडे, बैज और ओर जत्थेबन्दक ड्यूटियों सौंपी गई। मीटिंग दौरान सीनियर मीत प्रधान मनजीत सिंह धनेर, मित्र प्रधान गुरमीत सिंह भट्टीवाल, मित्र प्रधान गुरदीप सिंह रामपुरा, ख़ज़ांची राम सिंह मटोरड़ा, सूबा प्रैस सचिव बलवंत सिंह उप्पली और सूबा समिति मैंबर कुलवंत सिंह किशनगढ़ ने संबोधन करते कहा कि अलग -अलग जिलों के गाँवों में घर -घर राशन इकट्ठा करते, सुबह -शाम मीटिंगों करते दिल्ली जाने के लिए न्योता दिया जा रहा है, जिसका लोगों की तरफ से भरपूर स्वीकृति मिल रहा है। लोग मोदी -सरकार ख़िलाफ़ फ़ैसलाकुन्न संघर्ष के रवानी में हैं।
इस दौरान जगमोहन सिंह पटियाला ने बताया कि मुख्य -मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्र -सरकार की तरफ से आर्थिक -नाकेबन्दी के मुद्दे पर 21 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे पंजाब की 30 -किसान जत्थेबंदियों की मीटिंग चण्डीगढ़ में बुलायी है। किसान -जत्थेबंदियाँ मीटिंग में शामिल होंगी। किसान -जत्थेबंदियाँ अपनी मीटिंग भी करेंगी।
ये हैं मुख्य -माँगें –
1-कृषि के साथ जुड़े 3कानूनों को तुरंत वापस लिया जाये, क्योंकि इस के ज़रिये कृषि सैक्टर पर कॉर्पोरेट पकड़ बहुत मज़बूत ​​बन जायेगी।
(2) बिजली संशोधन बिल-2020 वापस लिया जाये।       (3) सभी फसलों की कम से -कम समर्थन मूल्य समेत खरीद की गारंटी हो।
 (4) डा. स्वामीनाथन की सिफारशें लागू की जाएँ।                             (5)पराळी जलाने पर 5साल तक की सज़ा और एक करोड़ रुपए तक जुर्माने की व्यवस्था करना भी किसानों के विरुद्ध है और इस को वापस लिया जाना चाहिए।
(6) केंद्र की तरफ से पंजाब में जो आर्थिक -नाकाबंदी की गई है, उसे तुरंत हटा दिया जाये और भारत सरकार पंजाब में गुड्ज ट्रेन चलाने को परवानगी दे। जब तक भारत सरकार हमारी माँगों नहीं स्वीकृत करती हमारा आंदोलन जारी रहेगा।