Homeshimlaहिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न

विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
विपक्ष के हंगामे से क्षुब्ध मुख्यमंत्री का विपक्ष पर राजनीतिक हमला
कहा- ऐसा लगता है कि खबर की भूख में कांग्रेस का मानसिक रूप से दिवालिया निकल गया
लोकिन्दर बेक्टा, शिमला:

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 10 दिवसीय मानसून सत्र शुक्रवार को संपन्न हो गया। सत्र की समाप्ति के मौके पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार के विरोध के शुक्रवार को भी जारी रहने के चलते सत्र सत्तापक्ष और विपक्ष की कड़वाहट के बीच संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सत्र की समाप्ति के मौके पर विपक्षी दल कांग्रेस पर राजनीतिक हमले बोले। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि खबर की भूख में कांग्रेस का मानसिक रूप से दिवालिया निकल गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का सत्तापक्ष के खिलाफ नारे लगाना तो समझ आता है, लेकिन आसन के खिलाफ नारे लगाना सरासर गलत है और आसन के अनादर की कतई इजाजत नहीं दी जा सकी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस ने सत्र के आखिरी दिन विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ उन्हें हटाने के लिए नोटिस दिया, उससे आसन को ठेस पहुंची है और इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है।
जयराम ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के खिलाफ जबरदस्त हमले बोले और कहा कि विपक्ष एक बिखरा हुआ कुनबा है। विपक्ष में हर कोई नेता बनने की कोशिश में है और नेता प्रतिपक्ष को अपनी टीम पर ही विश्वास नहीं है। यही कारण है कि वह हर विषय पर खुद ही उछल-उछलकर खड़े हो जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष को लगता है कि ज्यादा और अनावश्यक बोलने से वह बड़े नेता बन जाएंगे, जबकि कम बोलना, लेकिन महत्वपूर्ण विषय पर बोलने से बड़े नेता कहलाते हैं।
मुख्यमंत्री ने एक कांग्रेस सदस्य का नाम लिए बिना कहा कि उन्हें अपने विषय से भटककर बोलने की आदत हो गई है और वह केवल राजनीतिक मकसद से बोलते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस सदस्य ने सदन के नियम और शब्दों की मर्यादा तोड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें उनके शब्दों पर आपत्ति है और शब्दों के गलत चयन पर ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने उनका विरोध किया।
जयराम ठाकुर ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई भी दी और कहा कि इस बार कुछ शरारती तत्वों ने विपरीत परिस्थितियां बनाने की कोशिश की, लेकिन उसका हम मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने खालिस्तानी आतंकी पन्नू को भी कड़े शब्दों में संदेश दिया कि वह स्वयं और उनके मंत्री तो प्रदेशभर में तिरंगा झंडा फहराएंगे ही, हिमाचल का हर आदमी भी अपने घर पर तिरंगा झंडा फहराकर पन्नू को मुंहतोड़ जवाब देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल पूरे जोर-शोर से आजादी का महोत्सव मनाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ने राज्य में कोरोना के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि प्रदेश में फिर से प्रतिबंधों का दौर आ गया है। सरकार ने जहां स्कूल बंद कर दिए हैं, वहीं आज से हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए आरटीपीसीआर और कोरोना की दो वैक्सीन लगवाने का प्रमाणपत्र दिखाना जरूरी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार 15 अगस्त तक कोरोना की स्थिति पर नजर रखेगी तथा इसके बाद और प्रतिबंधों पर विचार किया जाएगा। सीएम ने कहा कि कोरोना महामारी के दो दौर में हम बहुत नुकसान झेल चुके हैं, इसलिए हम तीसरे दौर में नहीं जाना चाहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के लिए हर हिमाचलवासी का जीवन कीमती है।
अध्यक्ष ने सहयोग के लिए जताया आभार
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सहयोग के लिए सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 10 दिन के सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई, जिनके दूरगामी परिणाम होंगे। इस दौरान 46 घंटे 11 मिनट विधानसभा की कार्यवाही चली। सत्र के दौरान 402 तारांकित और 184 अतारांकित प्रश्न पूछे गए और सरकार ने उत्तर उपलब्ध करवाए। नियम 46 के तहत एक प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ। नियम 61 में 3 प्रस्ताव लगे, निगम 62 में 13 प्रस्ताव और नियम 130 में 5 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसके अलावा नियम 101 के तहत 4 गैर सरकारी संकल्प प्रस्तुत हुए। इनमें से एक संकल्प सदन ने पारित किया और आगामी कार्यवाही को भेजा गया। सदन में दो विधेयक पेश किए और इनमें से एक पास किया और एक सिलेक्ट कमेटी को भेजा गया। बाद में विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

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