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स्नान करने से होते हैं शारीरिक कष्ट दूर Taking Bath Removes Physical Pain

आज समाज डिजिटल, अम्बाला:
Taking Bath Removes Physical Pain:
हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित रेणुका मंदिर गोरखाओं द्वारा देवी दुर्गा के सम्मान में मंदिर को एक ही रात में बनाया गया था। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी रेणुका ऋषि परशुराम की मां थीं। मां रेणुका जमदग्नि ऋषि की पत्नी थी और माता रेणुका के पांच पुत्र नाम रुमण्वान, सुषेण, वसु, विश्वावसु एवं परशुराम। परशुरामजी तो भगवान विष्णुजी के अवतार माने जाते हैं। माता रेणुका चतुर्दशी अर्थात चैत्र माह शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाएगी।

रेणुका माता की कथा  Taking Bath Removes Physical Pain

रेणुका माता प्रतिदिन नदी से पानी भरकर लाया करती थी। इसके बाद जमदग्नि ऋषिमुनि स्नान करने के लिए जाते थे। स्नान हो जाने के बाद शिवजी की पूजा अर्चना किया करते थे। एक दिन माता रेणुका को पानी लाते समय देर हो गई। जमदग्नि ऋषि को आभास हुआ कि उनका ब्राह्मणत्व समाप्त हो गया है। उन्होंने अपने पुत्रों को माता का सिर काटने को कहा। उन सभी में से उनके चार पुत्रो ने पिता के आदेश का पालन नहीं किया, किन्तु परशुरामजी ने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए माता रेणुका का सिर काट दिया। पिता की आज्ञा का पालन करने पर उनके पिता उनसे बहुत प्रसन्न और संतुष्ट हुए जिस पर उन्होंने पुत्र परशुराम को वरदान मांगने को कहा।

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परशुरामजी ने मांगे थे ये तीन वरदान Taking Bath Removes Physical Pain

माता को पुनर्जीवित कर दो, उन्हें अपने मृत होने की स्मृति न रहे व सभी भ्राता चेतना-युक्त हो जाए। इन वरदान को देते हुए उनके पिता ने उनसे कहा कि एक वरदान पूरा नहीं हो सकता है।
मैं तुम्हारी माता रेणुका को जीवित नहीं कर सकता क्योंकि यह प्रकृति के नियम के विरुद्ध है। परन्तु 21 दिन के भीतर तुम्हारी माता रेणुका तुमको दर्शन देंगी।

इसी प्रकार माता रेणुका का मंदिर मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के समीप छैगांवदेवी में है। मान्यता है कि चैत्र मास शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के दिन माता रेणुका स्वयं प्रकट होती है। असंख्य श्रद्धालु मनोकामना से रेणुका माता के दरबार आते हैं। इस मंदिर में माता रेणुका के साथ-साथ माता बिजासन, माता हिंगलाज, माता शीतला और माता खांखली इन सब की भी प्रतिमा स्थापित है।

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यहां ठीक हो जाते हैं रोगी Taking Bath Removes Physical Pain

यहां बावड़ी के पानी से स्नान करने से सभी शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। मान्यता है कि माता रेणुका को जल से स्नान कराने के बाद वह जल किसी भी रोगी को लगाया जाता है तो वह रोगी ठीक हो जाता है। इसी आस्था के चलते यह पर अनेक भक्तगण आते है और अपने रोगों से मुक्ति पाते है।

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माता के चमत्कारों को लेकर कई कथाएं प्रचलित Taking Bath Removes Physical Pain

मंदिर में एक बार तीन चोर घुसे और कलश चुरा लिया। वे कुछ ही दूर पहुंचे थे कि माता के प्रताप से तीनों पत्थर बन गए। इनमें से एक चोर के सिर पर कलश रखा रह गया।

इस स्थान पर छह देवियां हुईं थी प्रकट  Taking Bath Removes Physical Pain

लोगों का कहना है कि यहां छह देविया एक साथ प्रकट हुई थी इसलिए इस गांव का नाम छैगांवदेवी है। अब यहां पर केवल पांच ही देवी की प्रतिमा स्थापित है। माता भवानी यहां से चली गई है।

माता की पिंडी से निकलता है कुमकुम तो बजती हैं घंटिया Taking Bath Removes Physical Pain

माता की पिंडी से कुमकुम निकलता है। या फिर कभी मंदिर की घंटी अपने आप ही बजने लगती है। गांव के लोगों का ऐसा मानना है की यह होना माता का कोई शुभ संकेत होता है।

ऐसा माना जाता है की जो भी जातक इस दिन सच्चे मन से माता रेणुका के दर्शन एवं उनकी आराधना करता है। उसकी सभी मनोकामना को माता रेणुका पूर्ण करती हैं।

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