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वृश्चिक राशिफल 22 अगस्त 2022

***|| जय श्री राधे ||***
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
****ll जय श्री राधे ll****
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

दिनाँक:- 22/08/2022, सोमवार
एकादशी, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

***  दैनिक राशिफल *** 

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

वृश्चिक

आज का दिन आपके लिए आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने के लिए रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापारव्यवसाय में तरक्की होगी। धर्मकर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। आप अपने बिजनेस में रुपए पैसे के लेनदेन को बहुत ही सावधानी से करें,तो बेहतर रहेगा। पुराने मित्रों से आप  किसी मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं,जिसके बारे में आपको कुछ जानकारी भी मिल सकती है। जीवनसाथी के करियर में आ रही समस्याओं को लेकर आप उनके लिए किसी छोटे-मोटे व्यवसाय को कराने की कोशिश कर सकते हैं। आपकी कुछ अटकी हुई योजनाओं आज आपको पैसा दे सकती हैं,जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

 

 

तिथि———– एकादशी अहोरात्र तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र——— मृगशिरा 07:39:41
योग————– वज्र 23:38:14
करण————– बव 16:51:00
वार———————– सोमवार
माह———————- भाद्रपद
चन्द्र राशि—————— मिथुन
सूर्य राशि—————— सिंह
रितु————————– वर्षा
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————- शुभकृत
संवत्सर (उत्तर)——————— नल
विक्रम संवत—————- 2079
गुजराती संवत————– 2078
शक संवत—————– 1944

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:54:22
सूर्यास्त—————- 18:49:26
दिन काल————- 12:55:03
रात्री काल————- 11:05:25
चंद्रास्त—————- 15:39:45
चंद्रोदय—————- 25:56:55

लग्न—- सिंह 4°45′ , 124°45′

सूर्य नक्षत्र——————– मघा
चन्द्र नक्षत्र—————- मृगशिरा
नक्षत्र पाया——————- लोहा

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

की—- मृगशिरा 07:39:41

कु—- आर्द्रा 14:25:48

घ—- आर्द्रा 21:11:50

ङ—- आर्द्रा 27:57:37

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य=कर्क 04:12 मघा , 2 मी
चन्द्र =मिथुन 05 °23, मृगशिरा , 4 की
बुध =कन्या 01 ° 07′ उ o फा o ‘ 2 टो
शुक्र=कर्क 18°05, आश्लेषा ‘ 1 डी
मंगल=वृषभ 06°30 ‘ कृतिका ‘ 3 उ
गुरु=मीन 13°30 ‘ उ o भा o, 4 ञ
शनि=कुम्भ 27°33 ‘ धनिष्ठा ‘ 2 गी
राहू=(व) मेष 23°05’ भरणी , 4 लो
केतु=(व) तुला 23°05 विशाखा , 2 तू

🚩💮🚩 मुहूर्त प्रकरण 🚩💮🚩

राहू काल 07:31 – 09:08 अशुभ
यम घंटा 10:45 – 12:22 अशुभ
गुली काल 13:59 – 15:36 अशुभ
अभिजित 11:56 – 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 12:48 – 13:39 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:23 – 16:14 अशुभ
वर्ज्यम 17:08 – 18:57 अशुभ

💮चोघडिया, दिन
अमृत 05:54 – 07:31 शुभ
काल 07:31 – 09:08 अशुभ
शुभ 09:08 – 10:45 शुभ
रोग 10:45 – 12:22 अशुभ
उद्वेग 12:22 – 13:59 अशुभ
चर 13:59 – 15:36 शुभ
लाभ 15:36 – 17:13 शुभ
अमृत 17:13 – 18:49 शुभ

🚩चोघडिया, रात
चर 18:49 – 20:13 शुभ
रोग 20:13 – 21:36 अशुभ
काल 21:36 – 22:59 अशुभ
लाभ 22:59 – 24:22* शुभ
उद्वेग 24:22* – 25:45* अशुभ
शुभ 25:45* – 27:09* शुभ
अमृत 27:09* – 28:32* शुभ
चर 28:32* – 29:55* शुभ

💮होरा, दिन
चन्द्र 05:54 – 06:59
शनि 06:59 – 08:04
बृहस्पति 08:04 – 09:08
मंगल 09:08 – 10:13
सूर्य 10:13 – 11:17
शुक्र 11:17 – 12:22
बुध 12:22 – 13:26
चन्द्र 13:26 – 14:31
शनि 14:31 – 15:36
बृहस्पति 15:36 – 16:40
मंगल 16:40 – 17:45
सूर्य 17:45 – 18:49

🚩होरा, रात
शुक्र 18:49 – 19:45
बुध 19:45 – 20:40
चन्द्र 20:40 – 21:36
शनि 21:36 – 22:31
बृहस्पति 22:31 – 23:27
मंगल 23:27 – 24:22
सूर्य 24:22* – 25:18
शुक्र 25:18* – 26:13
बुध 26:13* – 27:09
चन्द्र 27:09* – 28:04
शनि 28:04* – 28:59
बृहस्पति 28:59* – 29:55

🚩💮 उदयलग्न प्रवेशकाल 💮🚩

सिंह > 05:44 से 06:50 तक
कन्या > 06:50 से 09:00 तक
तुला > 09:00 से 11:14 तक
वृश्चिक > 11:14 से 13:30 तक
धनु > 13:30 से 16:00 तक
मकर > 16:00 से 17:38 तक
कुम्भ > 17:38 से 19:06 तक
मीन > 19:06 से 19:40 तक
मेष > 19:40 से 10:12 तक
वृषभ > 10:12 से 00:04 तक
मिथुन > 00:04 से 02:24 तक
कर्क > 02:24 से 05:28 तक

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

15 + 11 + 2 + 1 = 28 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

* सर्वार्थ व अमृत सिद्धि योग 07:40 तक

* आज एकादशी व्रत स्मार्त 60 घटी
साठिया एकादशी व्रत अमान्य

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

मूर्खाणां पण्डिता द्वेष्या अधनानां महाधनाः ।
वरांगना कुलस्त्रीणां सुभगानां च दुर्भगा ।।
।। चा o नी o।।

मूढ़ लोग बुद्धिमानो से इर्ष्या करते है. गलत मार्ग पर चलने वाली औरत पवित्र स्त्री से इर्ष्या करती है. बदसूरत औरत खुबसूरत औरत से इर्ष्या करती है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: मोक्षसान्यांसयोग अo-18

स्वभावजेन कौन्तेय निबद्धः स्वेन कर्मणा ।,
कर्तुं नेच्छसि यन्मोहात्करिष्यस्यवशोऽपि तत्‌ ॥,

हे कुन्तीपुत्र! जिस कर्म को तू मोह के कारण करना नहीं चाहता, उसको भी अपने पूर्वकृत स्वाभाविक कर्म से बँधा हुआ परवश होकर करेगा॥,60॥,

 

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

 

 

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