HomeराशिफलCapricorn Horoscope 03 April 2022 मकर राशिफल 03 अप्रैल 2022

Capricorn Horoscope 03 April 2022 मकर राशिफल 03 अप्रैल 2022

Capricorn Horoscope 03 April 2022

***|| जय श्री राधे ||***

*** महर्षि पाराशर पंचांग ***
*** अथ पंचांगम् ***
****ll जय श्री राधे ll****
*** *** *** *** *** *** 

दिनांक-: 03/04/2022, शनिवार
द्वितीया, शुक्ल पक्ष
चैत्र
*** *** *** *** *** *** *** (समाप्ति काल)

*** दैनिक राशिफल ***

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

मकर Capricorn Horoscope 03 April 2022

Capricorn Horoscope 03 April 2022 : समय पर बाहर से धन नहीं मिलने से निराशा रहेगी। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। नौकरी में अधिकारी अधिक की अपेक्षा करेंगे। मातहतों का साथ नहीं मिलेगा। थकान रहेगी। व्यवसाय-व्यापार से मनोनुकूल लाभ होगा। बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। मेहनत अधिक होगी। लाभ के अवसर टलेंगे।(Capricorn Horoscope 03 April 2022)

तिथि———- द्वितीया 12:37: 46 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र——— अश्विनी 12:35:54
योग———— वैधृति 07:50:30
करण———- कौलव 12:37:45
करण———– तैतुल 25:11:40
वार———————— रविवार
माह————————— चैत्र
चन्द्र राशि———————-मेष
सूर्य राशि———————-मीन
रितु————————- वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर———————- नल
संवत्सर (उत्तर)—————– राक्षस
विक्रम संवत—————- 2079
विक्रम संवत (कर्तक)——— 2078
शाका संवत—————–1944

वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:08:59
सूर्यास्त————— 18:36:20
दिन काल————- 12:27:20
रात्री काल————–11:31:33
चंद्रोदय—————-07:21:13
चंद्रास्त—————- 20:40:34

लग्न—– मीन 19°5′ , 349°5′

सूर्य नक्षत्र—————— रेवती
चन्द्र नक्षत्र————— अश्विनी
नक्षत्र पाया——————स्वर्ण

*** पद, चरण ***

चो—- अश्विनी 06:13:31

ला—- अश्विनी 12:35:54

ली—- भरणी 19:00:29

लू—- भरणी 25:27:16

*** ग्रह गोचर ***

 ग्रह =राशी, अंश, नक्षत्र, पद
*** *** *** *** *** *** *** 

सूर्य=मीन 19:12 ‘उ o भा o , 1 दे
चन्द्र =मेष 09°23, अश्विनी , 3 चो
बुध = मीन 19 ° 07’ रेवती ‘ 1 दे
शुक्र=मकर 03°05, धनिष्ठा ‘ 3 गु
मंगल=मकर 26°30 ‘ धनिष्ठा’ 2 गी
गुरु=कुम्भ 27°30 ‘ पू o भा o, 3 दा
शनि=मकर 27°33 ‘ धनिष्ठा ‘ 2 गी
राहू=(व)वृषभ 00°30’ कृतिका , 2 ई
केतु=(व)वृश्चिक 00°30 विशाखा , 4 तो

*** मुहूर्त प्रकरण ***

राहू काल 17:03 – 18:36 अशुभ
यम घंटा 12:23 – 13:56 अशुभ
गुली काल 15:30 – 17:03 अशुभ
अभिजित 11:58 -12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 16:57 – 17:47 अशुभ

गंड मूल 06:09 – 12:36 अशुभ

चोघडिया, दिन
उद्वेग 06:09 – 07:42 अशुभ
चर 07:42 – 09:16 शुभ
लाभ 09:16 – 10:49 शुभ
अमृत 10:49 – 12:23 शुभ
काल 12:23 – 13:56 अशुभ
शुभ 13:56 – 15:30 शुभ
रोग 15:30 – 17:03 अशुभ
उद्वेग 17:03 – 18:36 अशुभ

चोघडिया, रात
शुभ 18:36 – 20:03 शुभ
अमृत 20:03 – 21:29 शुभ
चर 21:29 – 22:56 शुभ
रोग 22:56 – 24:22* अशुभ
काल 24:22* – 25:49* अशुभ
लाभ 25:49* – 27:15* शुभ
उद्वेग 27:15* – 28:41* अशुभ
शुभ 28:41* – 30:08* शुभ

होरा, दिन
सूर्य 06:09 – 07:11
शुक्र 07:11 – 08:14
बुध 08:14 – 09:16
चन्द्र 09:16 – 10:18
शनि 10:18 – 11:20
बृहस्पति 11:20 – 12:23
मंगल 12:23 – 13:25
सूर्य 13:25 – 14:27
शुक्र 14:27 – 15:30
बुध 15:30 – 16:32
चन्द्र 16:32 – 17:34
शनि 17:34 – 18:36

होरा, रात
बृहस्पति 18:36 – 19:34
मंगल 19:34 – 20:32
सूर्य 20:32 – 21:29
शुक्र 21:29 – 22:27
बुध 22:27 – 23:24
चन्द्र 23:24 – 24:22
शनि 24:22* – 25:20
बृहस्पति 25:20* – 26:17
मंगल 26:17* – 27:15
सूर्य 27:15* – 28:13
शुक्र 28:13* – 29:10
बुध 29:10* – 30:08

*** उदयलग्न प्रवेशकाल *** 

मीन > 05:18 से 06:48 तक
मेष > 06:48 से 09:32 तक
वृषभ > 09:32 से 11:12 तक
मिथुन > 11:12 से 12:32 तक
कर्क > 12:32 से 14:52 तक
सिंह > 14:52 से 15:57 तक
कन्या > 15:57 से 07:09 तक
तुला > 07:09 से 09:36 तक
वृश्चिक > 09:36 से 00:48 तक
धनु > 00:48 से 01:52 तक
मकर > 01:52 से 03:38 तक
कुम्भ > 03:38 से 05:14 तक

विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:

शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

2 + 1 + 1 = 4 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*** ग्रह मुख आहुति ज्ञान ***

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

शिव वास एवं फल -:

2 + 2 + 5 = 9 ÷ 7 = 2 शेष

गौरि सन्निधौ = शुभ कारक

भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

***  विशेष जानकारी ***

*नवरात्रि द्वितीय दिवस ब्रह्मचारिणी पूजन

*सर्वार्थ सिद्धि योग 12: 36 तक

*मत्स्योत्पत्ती

*सिंजारा (गनगौर)

*** शुभ विचार ***

एकोदरसमुद् भूता एकनक्षत्रजातकाः ।
न भवन्ति समाः शीला यथा बदरिकण्टकाः ।।
।। चा o नी o।।

एक शक्तिशाली आदमी से उसकी बात मानकर समझौता करे एक दुष्ट का प्रतिकार करे और जिनकी शक्ति आपकी शक्ति के बराबर है उनसे समझौता विनम्रता से या कठोरता से करे

*** सुभाषितानि ***

गीता -: गुणत्रयविभागयोग अo-14

रजस्तमश्चाभिभूय सत्त्वं भवति भारत ।,
रजः सत्त्वं तमश्चैव तमः सत्त्वं रजस्तथा ॥,

हे अर्जुन! रजोगुण और तमोगुण को दबाकर सत्त्वगुण, सत्त्वगुण और तमोगुण को दबाकर रजोगुण, वैसे ही सत्त्वगुण और रजोगुण को दबाकर तमोगुण होता है अर्थात बढ़ता है॥,10॥,

आपका दिन मंगलमय हो
*** *** *** *** *** 
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

Capricorn Horoscope 03 April 2022

Read Also : पूर्वजो की आत्मा की शांति के लिए फल्गू तीर्थ Falgu Tirtha For Peace Of Souls Of Ancestors

Read Also : हरिद्वार पर माता मनसा देवी के दर्शन न किए तो यात्रा अधूरी If You Dont see Mata Mansa Devi at Haridwar 

Connect With Us : Twitter Facebook

SHARE
RELATED ARTICLES

Most Popular