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मानसून में छींकने और खांसी को अलविदा कहने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू नुस्खे

चिलचिलाती गर्मी से मानसून का मौसम जितना एक सुखद राहत लेकर आता है, उतनी ही डरावनी बीमारियों के ढेरों को लेकर आता है जो आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए, जब वायु प्रदूषण का लेवल चरम पर है, बारिश हो रही है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है, तो ये जानना महत्वपूर्ण है कि किसी के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभावों को कैसे रोका जा सकता है?

तो खांसी और छींकने जैसे छोटे लक्षणों से दूर रहने के लिए खुद को तैयार करने के लिए जो मानसून के दौरान कोरोना का घातक रूप ले सकते हैं, इन घरेलू उपचारों को आजमाएं। इन टिप्स का पालन करना आसान है और आपके घर में आसानी से उपलब्ध रसोई सामग्री से एंटीडोट्स बनाए जा सकते हैं।

आप जो भी बना रहे हैं उसमें अदरक के टुकड़े डाल दें

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो मतली और दर्द से राहत दिलाते हैं। ये नाक साफ करने और खांसी को कम करने में भी मदद करता है।

गुनगुना पानी पिएं

ऑफिस और स्कूल जाने वाले एक चम्मच अदरक, जीरा, सौंफ और धनिया पत्ती उबाल कर दिन भर पीते रहें।

तुलसी के पत्तों का सेवन करें

तुलसी, रोगों को दूर करने वाली एक प्राचीन आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। इस पौधे के पत्ते में जादुई ट्रीटमेंट गुण होते हैं। इसलिए, तुलसी के तीन से चार पत्तों को रोजाना चबाया जा सकता है, या शहद के साथ पेस्ट बनाया जा सकता है और फिर खांसी और छींक से छुटकारा पाने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है।

हल्दी मदद करती है

हल्दी सबसे मल्टीफंक्शनल मसालों में से एक है जो हमारे दैनिक इस्तेमाल में पाई जाती है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो किसी को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं। तो, आप आधा चम्मच हल्दी को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।

नीम खाने की कोशिश करें

नीम फिर से खांसने और छींकने जैसी समस्याओं के लिए सबसे अच्छी जड़ी-बूटियों में से एक है। रोज सुबह खाली पेट पांच-छह नीम के पत्ते चबाएं। नीम हानिकारक प्रदूषकों को अवशोषित करने में बहुत अच्छा है और प्रभावों को दूर करने में भी मदद कर सकता है।

इन तरीकों को अपनाकर इस मौसम में आप सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं को आसानी से अलविदा कह सकते हैं।

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