दोनों देशों के बीच 12वें राउंड की वार्ता में हुई रजामंदी 

नई दिल्ली। सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच 12वें दौर की बातचीत के सार्थक परिणाम मिले हैं। दोनों देश पेट्रोल पॉइंट 17ए से सैनिकों को हटाने पर सहमत हुए हैं, जो पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में दोनों देशों के बीच फ्रिक्शन पॉइंट में से एक है और इसे गोगरा कहा जाता है। जानकारी के अनुसार इन्होंने वहां निर्मित सभी अस्थायी स्ट्रक्चर को हटा भी दिया है। सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, जैसे कि इस सप्ताह की शुरुआत में बताया गया था, भारत और चीन के कोर कमांडरों के बीच 12वें राउंड की बैठक 31 जुलाई को पूर्वी लद्दाख के चुशुल मोल्दो मीटिंग प्वाइंट पर हुई थी। इसके बाद 2 अगस्त को एक संयुक्त बयान जारी किया गया था। बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों के बीच भारत-चीन सीमा क्षेत्र के पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से शेष स्थानों पर तनाव कम करने को लेकर विचारों का गहन और स्पष्ट आदान प्रदान किया गया। दोनों पक्ष गोगरा एरिया से पीछे हटने को लेकर सहमत हुए हैं। इस क्षेत्र में पिछले साल मई में सैनिक आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों के बीच अंतिम अलगाव इस साल फरवरी में हुआ था जब वे पैंगोंग झील के किनारे से अलग हो गए थे।

11वें दौर की वार्ता में जारी था गतिरोध

पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग के संघर्ष वाले क्षेत्रों में चीन ने सैनिकों को पीछे हटाने से इनकार कर दिया था। 11वें दौर की सैन्य वार्ता में इसको लेकर गतिरोध बना रहा था। इन इलाकों से सैन्य टुकड़ियों की वापसी पिछले साल जुलाई में शुरू हुई थी, लेकिन यह काम अधूरा रह गया था।
हॉट स्प्रिंग्स और देपसांग पर जारी रहेगी बात
सूत्रों ने बताया कि जमीनी कार्रवाई की पुष्टि की जाएगी और उम्मीद है कि जल्द ही कार्रवाई होगी। दोनों पक्ष पीपी-15 (हॉट स्प्रिंग्स) और देपसांग मैदानों सहित फ्रिक्शन पॉइंट पर मुद्दे को हल करने के लिए अपनी बातचीत जारी रखेंगे।