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वीरता के लिए इन जवानों को मिला शौर्य चक्र

नई दिल्ली |

अपनी बहादुरी में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने वाले सुरक्षाबलों के वीर जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया कि हवलदार आलोक कुमार दुबे, मेजर अनिल उर्स और लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग अभियानों में अपनी वीरता के लिए शौर्य चक्र से नवाजा गया है।

वीरता के लिए पुलिस पदक की सूची में जम्मू कश्मीर शीर्ष स्थान पर है जिसके खाते में 81 पदक है और इसके बाद 55 पदकों के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल दूसरे स्थान पर है। इस बार किसी को भी राष्ट्रपति पु​लिस पदक नहीं मिला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार (14 अगस्त) को बताया कि इस बार राज्य एवं केंद्रीय पुलिस बलों को वीरता, विशिष्ट सेवा और मेधावी सेवाओं के लिए कुल 926 पदक दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस को 23 वीरता पदक दिए गए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस और झारखंड पुलिस को क्रमश: 16, 14 और 12 पदक दिए गए हैं।

वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ में शहीद हुए दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा को मरणोपरांत सातवीं बार वीरता पदक दिया गया है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने वीरता पुरस्कारों की घोषणा की है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहायक कमांडेंट नरेश कुमार ने भी कश्मीर घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए सातवीं बार वीरता पुरस्कार से नावाजा गया है।

हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के निदेशक और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अतुल करवाल को दूसरी बार वीरता पदक दिया गया है। सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने बताया, ‘बल को मिले 55 पदकों में से 41 जम्मू कश्मीर में अभियानों के लिए दिया गया है, जबकि 14 पदक छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ अभियानों के लिये पदान किया गया है।’ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कमांडेंट विनय प्रसाद को मरणोपरांत बहादुरी पदक दिया गया है। पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे के की गई गोलीबारी में प्रसाद शहीद हो गए थे। हादसे के दौरान वह जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर में गश्त पर थे।

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