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गुरदासपुर :निरंतर मेहनत और दृढ़ इच्छा शक्ति से हर मंजिल को किया जा सकता हासिल

गगन बावा, गुरदासपुर :
अचीवर्स प्रोग्राम स्टोरीज आफ द चैंपियंस आफ गुरदासपुर के 51वें संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल अमरजीत सिंह भुल्लर, तहसील प्रमुख जीओजी गुरदासपुर (पूर्व उप निदेशक सैनिक कल्याण) ने भाग लिया। डीसी मोहम्मद इश्फाक, डीईओ हरपाल सिंह संधावालिया, जिला लोकसंपर्क अधिकारी हरजिंदर सिंह कलसी, राजीव कुमार, सचिव, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, विभिन्न विद्यालयों के प्रिंसिपल, जिला निवासी प्रोग्राम में शामिल हुए।
जीवन में कभी भी थकें नहीं 
इस अवसर पर कर्नल भुल्लर ने कहा कि डीसी द्वारा शुरू किया गया अचीवर्स प्रोग्राम एक सफल पहल है, जिसमें युवा लड़के और लड़कियों को बहुत कुछ सीखना है। उन्होंने आगे कहा कि कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छा शक्ति से हम किसी भी मंजिल को हासिल कर सकते हैं और कभी भी थकें नहीं और जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है और सफल लोगों की आत्मकथाओं को पढ़कर बहुत कुछ सीखा जा सकता है, जिसके लिए पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि अगर हम लक्ष्य निर्धारित कर मंजिल तक पहुंचने के लिए मन बना लें तो हमें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने छात्रों को सेना में भर्ती के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जिले में प्रतिभाओं का खजाना 
इस अवसर पर डीसी मोहम्मद इश्फाक ने कहा कि अचीवर्स कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को गुरदासपुर जिले के चैंपियन और विशेषकर युवा छात्रों को उनके संघर्षों से अवगत कराना है ताकि छात्र आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि जिला गुरदासपुर में प्रतिभाओं का खजाना है, जिसके कारण इस कार्यक्रम के लगातार 51 संस्करण पूरे हो चुके हैं।
मार्शन आर्ट सीखें लड़कियां 
प्रथम अचीवर्स मंजीत कौर (राष्ट्रीय एथलेटिक्स), गांव अलीवाल, गुरदासपुर की निवासी ने बताया कि उन्होंने 1993 में नौवीं कक्षा से एथलेटिक्स में भाग लेना शुरू किया और स्कूल स्तर पर चार साल तक राज्य स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। चार साल तक राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के बाद उन्होंने स्वर्ण और कांस्य पदक जीते। 1997-98 में आल इंडिया इंटरवर्सिटी, अमृतसर में ब्राउन मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में लगातार पांच स्वर्ण पदक जीते। 2018 एशियाई प्रशांत वेटरन गेम्स मलेशिया में स्वर्ण पदक जीता। 2019 आस्ट्रेलियन मास्टर्स गेम्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब तलवंडी भरथ में सरकारी हाई स्कूल डीपीई के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने में दिलचस्पी थी, लेकिन घरेलू परिस्थितियों के कारण आगे नहीं बढ़ पाईं। इस अवसर पर उन्होंने माता-पिता से लड़कियों की उन्नति के लिए लड़कियों को समान अवसर प्रदान करने की अपील की क्योंकि आज लड़कियां हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल नियमों की पेचीदगियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दैनिक व्यायाम करें, पौष्टिक आहार लें और खुद को शारीरिक रूप से फिट रखें। उन्होंने लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए विशेष रूप से मार्शल आर्ट सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
सोच को हमेशा सकारात्मक रखें 
गुरदासपुर शहर के निवासी डा. नीरज चंद्र अत्री (राज्य भर से एमडीएस-पीएमईटी में दूसरा स्थान) ने कहा कि उन्होंने दसवीं कक्षा लिटिल फ्लावर कान्वेंट स्कूल गुरदासपुर और बारहवीं कक्षा सरकारी कालेज गुरदासपुर से पास की। क्रिश्चियन मेडिकल एंड डेंटल कालेज, लुधियाना से बीडीएस किया। बाद में उन्होंने पूरे राज्य से पीएमईटी में दूसरा स्थान हासिल किया और पोस्ट ग्रेजुएशन/एमडीएस किया। अब वह केंद्र एनएस डेंटल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी सेंटर गुरदासपुर और एनएस डेंटल एंड मैक्सिलोफेशियल यूनिट माडल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, होशियारपुर चला रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमेशा सकारात्मक सोच रखें। मेहनत करो, सच बोलो, ईमानदार बनो और ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद करो। माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें और अच्छे दोस्तों की संगति का आनंद लें। टोक्यो में ओलंपिक खेलों के पहले दिन भारत की मीराबाई चानू द्वारा भारोत्तोलन में रजत पदक पर जिले के निवासियों को भी बधाई दी गई। अचीवर्स कार्यक्रम के अंत में जूम लाइव कार्यक्रम के दौरान छात्रों और जिले के निवासियों के सवालों के जवाब देने के लिए जिला रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा अचीवर्स को सम्मानित भी किया गया।

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