पटियाला : शिक्षा विभाग पंजाब की तरफ से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को जहाँ अलग -अलग संचार के साधन के द्वारा आनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है, वहाँ शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यार्थियों के सरवपक्खी विकास के लिए भी विशेष यत्न किये जा रहे हैं। शिक्षा सचिव किर्शन कुमार की देख -रेख में विभाग की तरफ से श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 400 साला प्रकाश पर्व को समर्पित आनलाइन शबद गान, कविता उच्चारण, भाशण, संगीतक बनाओ -समान बजाने, पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग, सलोगन लिखने, सुंदर लेखन, पी पी टी मेकिंग और पगड़ी बाँधने की रस्म आदि आनलाइन मुकाबले करवाए जा रहे हैं। राज शिक्षा, प्रशिक्षण और खोज प्रीशद पंजाब के डायरैक्टर जगतार सिंह कूलड़िया देख -रेख नीचे पूरी योजनाबंदी के अंतर्गत करवाए जा रहे हैं। यह मुकाबले 6जुलाई से 21 दिसंबर तक चलेंगे और इन की शुरूआत शबद गान मुकाबलों के साथ हो चुकी है। शबद गान मुकाबलों का स्कूल और ब्लाक स्तर का पड़ाव पूरा हो चुका उठाया है।।
 ज़िला शिक्षा अफ़सर (सै.) पटियाला हरिन्दर कौर पर ज़िला शिक्षा अफ़सर (ऐली.) इंज. अमरजीत सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग की तरफ से गुरू साहबान को अदब और सत्कार देते इन शैक्षिक मुकाबलों का आयोजन करना एक अलग पहलकदमी है। विद्यार्थियों और अध्यापकों की तरफ से इन मुकाबलों के लिए बहुत उत्साह देखने को मिल रहा है। विद्यार्थियों की तरफ से बड़े उत्साह सहित नौवीं पातशाही के जीवन सिद्धांतों और गुरबानी के साथ सबंधित शबदों का गान गुर मर्यादा अनुसार करके आनलाइन शबद गान मुकाबलो के लिए विभागीय नियमों अनुसार अपनी, वीडीयोज़ भेजी गई हैं और विभाग की तरफ से उत्तम प्रदरशन करन वाले विद्यार्थियों को विशेश इनाम और हर प्रतियोगी को सर्टिफिकेट दे कर सम्मानित किया जायेगा।
 इस बारे प्रिं. रजनीश गुप्ता बहादरगढ़ का कहना है कि विभाग की तरफ से इन आनलाइन शैक्षिक मुकाबलों का आयोजन विद्यार्थियों की शख़सियत के नैतिक और रचनात्मिक पक्षों को मशहूर करेगा। उन का कहना है कि इन मुकाबलों की ख़ासियत यह भी है कि विद्यार्थी मुकाबलों सम्बन्धित बनी तकनीकी समिति अनुसार बनाऐ नियमों और कोविड -19 सम्बन्धित सुरक्षा के नियमों की पालना करते हुए घर से बैठे ही हर तरह के मुकाबलों में आनलाइन संचार के साधनों के द्वारा भागीदारी कर रहे हैं।
 छात्रा हरकीरत कौर पटियाला के पिता स. उधम सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग की तरफ से उन के बच्चों को घर बैठे पढ़ाई साथ-साथ सह -शैक्षिक क्रियायों करवाना बहुत ही शलाघायोग कदम है। उन का कहना है कि विभाग की तरफ से यह मुकाबले गुरू साहबानें को समर्पित करने के साथ उन के बच्चे सिख गुरू फलसफे और सिद्धांतों से जानकार होंगे और ऐसीं गतिविधियों के साथ बच्चों का दिमाग़ रचनात्मिक रुचियों में लगने सदका नकारातमकता नज़दीक नहीं जाेगी और विद्यार्थियों की शख़सियत के सुचारू गुणों का विकास भी होगा।