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It will be fun when Hardik Pandya performs like Stynes: मज़ा आएगा तब जब स्टायनिस जैसा प्रदर्शन हार्दिक पांड्या करेंगे

अगर मार्कस स्टॉयनिस के इंटरनैशनल क्रिकेट के आंकड़ों पर गौर करें तो उसमें कहीं भी अदभुद प्रदर्शन वाली बात नज़र नहीं आती लेकिन वह ऑस्ट्रेलिया के लिए और तमाम लीगों में अपनी-अपनी टीमों के लिए बहुत बड़े मैच विनर साबित हुए हैं। यही एक बड़े खिलाड़ी की निशानी है जो बड़ी बड़ी पारियां या गुच्छे में विकेट न दिलाते हुए भी टीम के लिए सबसे उपयोगी साबित होता है। इसी काम को स्टॉयनिस ने बखूबी अंजाम दिया।

आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करके अपने दम पर मैच जिताया। यह उनका इस टीम में पहला ही साल है। विराट कोहली ज़रूर सोच रहे होंगे कि उनके टीम प्रबंधन ने आखिर क्या सोचकर उन्हें रिलीज़ कर दिया जबकि वह आरसीबी के लिए इस सीज़न में ट्रम्प कार्ड साबित हो सकते थे।

जब दिल्ली कैपिटल्स ने 96 रन में छह विकेट खो दिए थे, तब ऐसा लगा था कि दिल्ली का पुलिंदा बहुत जल्दी बंधने वाला है लेकिन ऐसे समय में खासकर जोर्डन और शेरटन कॉट्रेल की धुनाई करना और सिर्फ 21 गेंद पर 53 रन की पारी खेलने से उन्होंने निर्जीव मैच में जान डालने का काम किया। किंग्स ने कॉट्रेल और टी-20 के एक्सपर्ट गेंदबाज़ जोर्डन पर बहुत ज़्यादा भरोसा किया था। इसलिए कि शमी को छोड़कर टीम में देसी अटैक वैसा धारदार नहीं था जितना इन दो विदेशी गेंदबाज़ों के आने से लगने लगा था और इसके लिए किंग्स टीम प्रबंधन ने क्रिस गेल और मुजीब जैसे आला दर्जे के खिलाड़ियों को भी बाहर बिठाने से भी परहेज नहीं किया लेकिन स्टॉयनिस ने इन दोनों गेंदबाज़ों को एकदम बौना बना दिया। इतना ही नहीं, इसके बाद उन्होंने अपना बाकी का काम गेंदबाज़ी से पूरा किया। याद कीजिए पारी का आखिरी ओवर जब किंग्स इलेवन को आखिरी तीन गेंद पर महज़ एक रन की दरकार थी लेकिन स्टायनिस ने इन तीन गेंदों पर एक भी रन नहीं बनने दिया। उल्टे किंग्स की ओर से वन मैन शो करने वाले मयंक अग्रवाल और क्रिस जोर्डन के विकेट लेकर दिल्ली कैपिटल्स की बल्ले बल्ले कर दी और मैच को सुपर ओवर तक ले जाना पड़ा जहां कागिसो रबाडा ने बाकी का काम पूरा कर दिया।

दरअसल आईपीएल में भाग ले रहे काफी खिलाड़ी अर्से से इंटरनैशनल क्रिकेट से दूर हैं। बाकी की रही सही कसर लॉकडाउन ने पूरी कर दी जहां उनकी तैयारी बुरी तरह प्रभावित हुई लेकिन स्टायनिस को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ खेलकर लय में आने का मौका मिल गया। वह सही मायने में एक अति-उपयोगी खिलाड़ी हैं। टीम की ज़रूरत के हिसाब से खेलते हैं। ऑस्ट्रेलिया टीम तो उन्हें उनकी आक्रामक शैली की वजह से उन्हें नम्बर तीन पर पिंच हिटर के तौर पर भेजने लगी है। इंग्लैंड दौरे में एक प्रैक्टिस मैच के दौरान उनसे पारी की भी शुरुआत कराई गई जहां उन्होंने हाफ सेंचुरी बनाकर अपनी इस नई भूमिका में भी जान डाल दी। दरअसल ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन उनकी बिग बैश लीग की उस पारी को भूला नहीं होगा जब उन्होंने 79 गेंदों पर 147 रन की नॉटआउट पारी खेली थी। वह इस लीग में मेलबर्न स्टार के स्टार खिलाड़ी साबित हुए। इसी लीग में उनकी 12 हाफ सेंचुरी और एक सेंचुरी और 34 पारियों में 34 विकेट उनकी प्रतिभा का बयान करने के लिए काफी है।

जो काम किंग्स के कप्तान केएल राहुल नहीं कर पाए, वह काम दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कर दिया। राहुल ने शमी के चारों ओवर 15 ओवर तक पूरे करा लिए और स्लॉग ओवरों में शमी का न होना स्टॉयनिस जैसे बल्लेबाज़ के लिए एक बड़ा उपहार साबित हुआ, वहीं श्रेयस ने रबाडा और अश्विन के ओवर स्लॉग ओवर में बचाने की खातिर ही उनसे पॉवर प्ले में एक-एक ओवर ही कराया। वह बात अलग है कि अश्विन कंधे में खिंचाव की वजह से एक ओवर के बाद गेंदबाज़ी नहीं कर पाए और दूसरे श्रेयस अय्यर जानते थे कि उनके पास स्टायनिस जैसा तुरूप का इक्का मौजूद है और वही इक्का उनके लिए जीत का बड़ा कारण साबित हुआ।

पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज़ मैथ्यू हेडन ने स्टायनिस की तुलना हार्दिक पांड्या से की लेकिन स्टायनिस को उनसे बेहतर बताया। मुम्बई इंडियंस के हार्दिक पांड्या को अब इसका माकूल जवाब आईपीएल में देना है।

मनोज जोशी

(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार और टीवी कमेंटेटर हैं)

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