Homeराशिफलवृषभ राशिफल 28 अक्टूबर 2022

वृषभ राशिफल 28 अक्टूबर 2022

***|| जय श्री राधे ||***
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
****ll जय श्री राधे ll****
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

दिनाँक:-28/10/2022, शुक्रवार
तृतीया, शुक्ल पक्ष,
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

वृषभ

किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें।

तिथि———– तृतीया 10:33:01 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र——— अनुराधा 10:41:27
योग———— शोभन 25:28:09
करण————– गर 10:33:01
करण———– वणिज 21:23:37
वार———————– शुक्रवार
माह———————– कार्तिक
चन्द्र राशि—————— वृश्चिक
सूर्य राशि——————– तुला
रितु————————- हेमंत
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————- शुभकृत
संवत्सर (उत्तर)——————— नल
विक्रम संवत—————- 2079
गुजराती संवत————– 2079
शक संवत—————— 1944

वृन्दावन
सूर्योदय—————- 06:28:08
सूर्यास्त————— 17:37:24
दिन काल————- 11:09:16
रात्री काल————- 12:51:23
चंद्रोदय—————- 09:19:54
चंद्रास्त—————- 19:52:47

लग्न—- तुला 10°25′ , 190°25′

सूर्य नक्षत्र—————— स्वाति
चन्द्र नक्षत्र—————- अनुराधा
नक्षत्र पाया——————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

ने—- अनुराधा 10:41:27

नो—- ज्येष्ठा 16:17:49

या—- ज्येष्ठा 21:53:44

यी—- ज्येष्ठा 27:29:18

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य=तुला 10 :29 स्वाति , 2 रे
चन्द्र =वृश्चिक 14 °23, अनुराधा , 4 ने
बुध =तुला 02 ° 34′ चित्रा ‘3 रा
शुक्र=तुला 11°05, स्वाति ‘ 2 रे
मंगल=मिथुन 01°30 ‘ मृगशिरा’ 3 का
गुरु=मीन 05°30 ‘ उ o भा o, 1 दू
शनि=मकर 24°43 ‘ धनिष्ठा ‘ 1 गा
राहू=(व) मेष 19°30 भरणी , 2 लू
केतु=(व) तुला 19°30 विशाखा , 4 ता

🚩💮 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩

राहू काल 10:39 – 12:03 अशुभ
यम घंटा 14:50 – 16:14 अशुभ
गुली काल 07:52 – 09:15 अशुभ
अभिजित 11:40 – 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:42 – 09:27 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:25 – 13:10 अशुभ
वर्ज्यम 15:55 – 17:25 अशुभ

🚩गंड मूल 10:41 – अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन
चर 06:28 – 07:52 शुभ
लाभ 07:52 – 09:15 शुभ
अमृत 09:15 – 10:39 शुभ
काल 10:39 – 12:03 अशुभ
शुभ 12:03 – 13:26 शुभ
रोग 13:26 – 14:50 अशुभ
उद्वेग 14:50 – 16:14 अशुभ
चर 16:14 – 17:37 शुभ

🚩चोघडिया, रात
रोग 17:37 – 19:14 अशुभ
काल 19:14 – 20:50 अशुभ
लाभ 20:50 – 22:27 शुभ
उद्वेग 22:27 – 24:03* अशुभ
शुभ 24:03* – 25:40* शुभ
अमृत 25:40* – 27:16* शुभ
चर 27:16* – 28:52* शुभ
रोग 28:52* – 30:29* अशुभ

💮होरा, दिन
शुक्र 06:28 – 07:24
बुध 07:24 – 08:20
चन्द्र 08:20 – 09:15
शनि 09:15 – 10:11
बृहस्पति 10:11 – 11:07
मंगल 11:07 – 12:03
सूर्य 12:03 – 12:59
शुक्र 12:59 – 13:54
बुध 13:54 – 14:50
चन्द्र 14:50 – 15:46
शनि 15:46 – 16:42
बृहस्पति 16:42 – 17:37

🚩होरा, रात
मंगल 17:37 – 18:42
सूर्य 18:42 – 19:46
शुक्र 19:46 – 20:50
बुध 20:50 – 21:55
चन्द्र 21:55 – 22:59
शनि 22:59 – 24:03
बृहस्पति 24:03* – 25:07
मंगल 25:07* – 26:12
सूर्य 26:12* – 27:16
शुक्र 27:16* – 28:20
बुध 28:20* – 29:25
चन्द्र 29:25* – 30:29

🚩💮 उदयलग्न प्रवेशकाल 💮🚩

तुला > 04:42 से 06:55 तक
वृश्चिक > 06:55 से 09:14 तक
धनु > 09:14 से 11:44 तक
मकर > 11:44 से 13:22 तक
कुम्भ > 13:22 से 14:52 तक
मीन > 14:52 से 15:24 तक
मेष > 15:24 से 16:58 तक
वृषभ > 16:58 से 19:44 तक
कर्क > 19:44 से 00:14 तक
सिंह > 00:14 से 02:32 तक
कन्या > 02:32 से 04:34 तक

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

3 + 6 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति 10: 41तक

उपरान्त बुध

💮 शिव वास एवं फल -:

3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = संताप कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 21:23 से प्रारम्भ

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

* विनायक चतुर्थी व्रत

* सर्वार्थ सिद्धि योग 10:41 तक

* दुर्वागणपति व्रत

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

मूर्खाणां पण्डिता द्वेष्या अधनानां महाधनाः ।
वरांगना कुलस्त्रीणां सुभगानां च दुर्भगा ।।
।। चा o नी o।।

मूढ़ लोग बुद्धिमानो से इर्ष्या करते है. गलत मार्ग पर चलने वाली औरत पवित्र स्त्री से इर्ष्या करती है. बदसूरत औरत खुबसूरत औरत से इर्ष्या करती है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: भक्तियोग अo-12

यो न हृष्यति न द्वेष्टि न शोचति न काङ्‍क्षति।,
शुभाशुभपरित्यागी भक्तिमान्यः स मे प्रियः॥,

जो न कभी हर्षित होता है, न द्वेष करता है, न शोक करता है, न कामना करता है तथा जो शुभ और अशुभ सम्पूर्ण कर्मों का त्यागी है- वह भक्तियुक्त पुरुष मुझको प्रिय है॥,17॥,

ये भी पढ़ें : हुड्डा परिवार को नहीं मिला कांग्रेस स्ट्रीरिंग कमेटी में स्थान : हरदीप पाड़ला

ये भी पढ़ें : भाजपा महिला मोर्चा ने भरवाया नामांकन

Connect With Us: Twitter Facebook

SHARE
RELATED ARTICLES

Most Popular