Homeराशिफलवृश्चिक राशिफल 4 सितंबर 2022

वृश्चिक राशिफल 4 सितंबर 2022

***|| जय श्री राधे ||***
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
****ll जय श्री राधे ll****
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

दिनाँक:-04/09/2022, रविवार
अष्टमी, शुक्ल पक्ष,
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज दिन सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। अपने किसी मित्र के साथ आप धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। परिवार में आपके ऊपर कुछ जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ने से थोड़ा परेशान तो होंगे, लेकिन घबराइए नहीं। कार्यक्षेत्र में मान सम्मान मिलने से आज आप प्रसन्न रहेंगे। आपको कोई नया पद भी मिल सकता है।

तिथि———- सप्तमी 12:27:43 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र——— अनुराधा 22:56:23
योग———— वैधृति 16:58:28
करण———– वणिज 12:27:43
करण——- विष्टि भद्र 23:36:42
वार———————– शनिवार
माह———————– भाद्रपद
चन्द्र राशि—————– वृश्चिक
सूर्य राशि——————— सिंह
ऋतु————————– वर्षा
सायन———————— शरद
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————- शुभकृत
संवत्सर (उत्तर)———————-नल
विक्रम संवत—————- 2079
गुजराती संवत————– 2078
शक संवत—————— 1944

वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:00:02
सूर्यास्त—————- 18:36:42
दिन काल————- 12:36:39
रात्री काल—————11:23:47
चंद्रोदय—————- 12:30:16
चंद्रास्त—————- 23:09:38

लग्न—- सिंह 16°21′ , 136°21′

सूर्य नक्षत्र———— पूर्वा फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र—————- अनुराधा
नक्षत्र पाया——————- रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

नी—- अनुराधा 11:24:26

नू—- अनुराधा 17:11:11

ने—- अनुराधा 22:56:23

नो—- ज्येष्ठा 28:40:01

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य=सिंह 16:12 पू o फ़ाo , 1 मो
चन्द्र =वृश्चिक 06 °23, अनुराधा , 2 नी
बुध =कन्या 12 ° 07′ हस्त ‘ 1 पू
शुक्र=सिंह 03°05, मघा ‘ 1 मा
मंगल=वृषभ 12°30 ‘ रोहिणी’ 2 वा
गुरु=मीन 12°30 ‘ उ o भा o, 3 झ
शनि=मकर 26°33 ‘ धनिष्ठा ‘ 1 गा
राहू=(व) मेष 22°30’ भरणी , 3 ले
केतु=(व) तुला 22°30 विशाखा , 1 ती

🚩💮🚩 मुहूर्त प्रकरण 🚩💮🚩

राहू काल 09:09 – 10:44 अशुभ
यम घंटा 13:53 – 15:28 अशुभ
गुली काल 06:00 – 07:35 अशुभ
अभिजित 11:53 – 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 07:41 – 08:31 अशुभ
वर्ज्यम 28:17* – 29:49* अशुभ

🚩गंड मूल 22:56 – अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन
काल 06:00 – 07:35 अशुभ
शुभ 07:35 – 09:09 शुभ
रोग 09:09 – 10:44 अशुभ
उद्वेग 10:44 – 12:18 अशुभ
चर 12:18 – 13:53 शुभ
लाभ 13:53 – 15:28 शुभ
अमृत 15:28 – 17:02 शुभ
काल 17:02 – 18:37 अशुभ

🚩चोघडिया, रात
लाभ 18:37 – 20:02 शुभ
उद्वेग 20:02 – 21:28 अशुभ
शुभ 21:28 – 22:53 शुभ
अमृत 22:53 – 24:19* शुभ
चर 24:19* – 25:44* शुभ
रोग 25:44* – 27:10* अशुभ
काल 27:10* – 28:35* अशुभ
लाभ 28:35* – 30:00* शुभ

💮होरा, दिन
शनि 06:00 – 07:03
बृहस्पति 07:03 – 08:06
मंगल 08:06 – 09:09
सूर्य 09:09 – 10:12
शुक्र 10:12 – 11:15
बुध 11:15 – 12:18
चन्द्र 12:18 – 13:21
शनि 13:21 – 14:24
बृहस्पति 14:24 – 15:28
मंगल 15:28 – 16:31
सूर्य 16:31 – 17:34
शुक्र 17:34 – 18:37

🚩होरा, रात
बुध 18:37 – 19:34
चन्द्र 19:34 – 20:31
शनि 20:31 – 21:28
बृहस्पति 21:28 – 22:25
मंगल 22:25 – 23:22
सूर्य 23:22 – 24:19
शुक्र 24:19* – 25:16
बुध 25:16* – 26:13
चन्द्र 26:13* – 27:10
शनि 27:10* – 28:07
बृहस्पति 28:07* – 29:04
मंगल 29:04* – 30:00

🚩💮 उदयलग्न प्रवेशकाल 💮🚩

सिंह > 04:00 से 06:06 तक
कन्या > 06:06 से 0816 तक
तुला > 08:16 से 10:30 तक
वृश्चिक > 10:30 से 12:46 तक
धनु > 12:46 से 15:16 तक
मकर > 15:16 से 16:54 तक
कुम्भ > 16:54 से 18:20 तक
मीन > 18:20 से 18:56 तक
मेष > 18:56 से 20:28 तक
वृषभ > 20:28 से 23:16 तक
मिथुन > 23:16 से 01:40 तक
कर्क > 01:40 से 03:50 तक

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

7 + 7 + 1 = 15 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति दिया 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

7 + 7 + 5 = 19 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

दोपहर 12:28 से रात्रि 23:34 तक

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

* राधाष्टमी व्रत

* राधाष्टमी मेला बरसाना

* राधा कुण्ड स्नान गोवर्धन

* श्री हरिदास जयंती सवारी निधवन जी

* मेला गरुण गोविन्द जी

* भंवरवन परिक्रमा

*महालक्ष्मी व्रतारम्भ

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

ये तु संवत्सरं पूर्ण नित्यं मौनेन भुंजते ।
युगकोटि सहस्त्रन्तु स्वर्गलोके महीयते ।।
।।चा o नी o।।

जो व्यक्ति एक साल तक भोजन करते समय भगवान् का ध्यान करेगा और मुह से कुछ नहीं बोलेगा उसे एक हजार करोड़ वर्ष तक स्वर्ग लोक की प्राप्ति होगी.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-08

अक्षरं ब्रह्म परमं स्वभावोऽध्यात्ममुच्यते ।,
भूतभावोद्भवकरो विसर्गः कर्मसंज्ञितः ॥,

श्री भगवान ने कहा- परम अक्षर ‘ब्रह्म’ है, अपना स्वरूप अर्थात जीवात्मा ‘अध्यात्म’ नाम से कहा जाता है तथा भूतों के भाव को उत्पन्न करने वाला जो त्याग है, वह ‘कर्म’ नाम से कहा गया है॥,3॥,

आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)

ये भी पढ़ें : मीन राशिफल 3 सितंबर 2022

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