Homeराशिफलधनु राशिफल 7 सितंबर 2022

धनु राशिफल 7 सितंबर 2022

***|| जय श्री राधे ||***
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
****ll जय श्री राधे ll****
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

दिनाँक:-07/09/2022, बुधवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष,
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

धनु
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। धनहानि संभव है, सावधानी रखें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से बचें। शत्रु शांत रहेंगे।

तिथि——– द्वादशी 24:04:23 तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र—— उत्तराषाढा 15:59:14
योग———— शोभन 25:14:14
करण————– बव 13:35:02
करण———– बालव 24:04:23
वार———————— बुधवार
माह———————– भाद्रपद
चन्द्र राशि——————- मकर
सूर्य राशि——————– सिंह
ऋतु————————– वर्षा
सायन———————– शरद
आयन—————– दक्षिणायण
संवत्सर——————- शुभकृत
संवत्सर (उत्तर)——————— नल
विक्रम संवत—————- 2079
गुजराती संवत————– 2078
शक संवत—————– 1944

वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:01:51
सूर्यास्त————— 18:32:12
दिन काल————–12:30:20
रात्री काल————- 11:30:06
चंद्रोदय—————- 16:39:41
चंद्रास्त—————- 27:22:19

लग्न—- सिंह 20°13′ , 140°13′

सूर्य नक्षत्र———— पूर्वा फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र————– उत्तराषाढा
नक्षत्र पाया——————– ताम्र

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

जा—- उत्तराषाढा 10:32:20

जी—- उत्तराषाढा 15:59:14

खी—- श्रवण 21:25:47

खू—- श्रवण 26:52:08

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य=सिंह 20:12 पू o फ़ाo , 3 टी
चन्द्र =धनु 04 °23, उ o षाo , 3 जा
बुध =कन्या 14 ° 07′ हस्त ‘ 2 ष
शुक्र=सिंह 09°05, मघा ‘ 3 मू
मंगल=वृषभ 15°30 ‘ रोहिणी’ 2 वा
गुरु=मीन 12°30 ‘ उ o भा o, 3 झ
शनि=मकर 26°33 ‘ धनिष्ठा ‘ 1 गा
राहू=(व) मेष 22°10’ भरणी , 3 ले
केतु=(व) तुला 22°10 विशाखा , 1 ती

🚩💮🚩 मुहूर्त प्रकरण 🚩💮🚩

राहू काल 12:17 – 13:51 अशुभ
यम घंटा 07:36 – 09:09 अशुभ
गुली काल 10:43 – 12:17 अशुभ
अभिजित 11:52 – 12:42 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:52 – 12:42 अशुभ
वर्ज्यम 19:37 – 21:04 अशुभ

💮चोघडिया, दिन
लाभ 06:02 – 07:36 शुभ
अमृत 07:36 – 09:09 शुभ
काल 09:09 – 10:43 अशुभ
शुभ 10:43 – 12:17 शुभ
रोग 12:17 – 13:51 अशुभ
उद्वेग 13:51 – 15:25 अशुभ
चर 15:25 – 16:58 शुभ
लाभ 16:58 – 18:32 शुभ

🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 18:32 – 19:58 अशुभ
शुभ 19:58 – 21:25 शुभ
अमृत 21:25 – 22:51 शुभ
चर 22:51 – 24:17* शुभ
रोग 24:17* – 25:44* अशुभ
काल 25:44* – 27:10* अशुभ
लाभ 27:10* – 28:36* शुभ
उद्वेग 28:36* – 30:02* अशुभ

💮होरा, दिन
बुध 06:02 – 07:04
चन्द्र 07:04 – 08:07
शनि 08:07 – 09:09
बृहस्पति 09:09 – 10:12
मंगल 10:12 – 11:15
सूर्य 11:15 – 12:17
शुक्र 12:17 – 13:20
बुध 13:20 – 14:22
चन्द्र 14:22 – 15:25
शनि 15:25 – 16:27
बृहस्पति 16:27 – 17:30
मंगल 17:30 – 18:32

🚩होरा, रात
सूर्य 18:32 – 19:30
शुक्र 19:30 – 20:27
बुध 20:27 – 21:25
चन्द्र 21:25 – 22:22
शनि 22:22 – 23:20
बृहस्पति 23:20 – 24:17
मंगल 24:17* – 25:15
सूर्य 25:15* – 26:12
शुक्र 26:12* – 27:10
बुध 27:10* – 28:07
चन्द्र 28:07* – 29:05
शनि 29:05* – 30:02

🚩💮 उदयलग्न प्रवेशकाल 💮🚩

सिंह > 04:32 से 05:48 तक
कन्या > 05:48 से 08:02 तक
तुला > 08:02 से 10:08 तक
वृश्चिक > 10:08 से 12:24 तक
धनु > 12:24 से 14:54 तक
मकर > 14:54 से 16:32 तक
कुम्भ > 16:32 से 17:58 तक
मीन > 17:58 से 18:34 तक
मेष > 18:34 से 20:06 तक
वृषभ > 20:06 से 22:54 तक
मिथुन > 22:54 से 01:18 तक
कर्क > 01:18 से 03:24 तक

🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

12 + 4 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

* जल झूलनी एकादशी (वैष्णव)

* वामन जयंती

* पद्माचार्य पाटोत्सव

* मटकीफोर लीला (बरसाना)

* भुवनेश्वरी जयंती

* हरिवासर , दुग्ध व्रत

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

धनधान्यप्रयोगेषु विद्यासंग्रहणे तथा ।
आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखीभवेत् ।।
।। चा o नी o।।

जिसे दौलत, अनाज और विद्या अर्जित करने में और भोजन करने में शर्म नहीं आती वह सुखी रहता है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: मोक्षसान्यांसयोग अo-18

राजन्संस्मृत्य संस्मृत्य संवादमिममद्भुतम्‌ ।,
केशवार्जुनयोः पुण्यं हृष्यामि च मुहुर्मुहुः ॥,

हे राजन! भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के इस रहस्ययुक्त, कल्याणकारक और अद्‍भुत संवाद को पुनः-पुनः स्मरण करके मैं बार-बार हर्षित हो रहा हूँ॥,76॥,

ये भी पढ़ें : आर्य पी.जी कॉलेज पानीपत में प्रतिभा सम्मान समारोह

ये भी पढ़ें : यादव सभा की प्रारंभिक मतदाता सूची में 22 सितंबर तक करवा सकते है एतराज दर्ज

Connect With Us: Twitter Facebook
SHARE
RELATED ARTICLES

Most Popular