राज्यसभा के उपसभापति ने कहा, पेपर फाड़कर फेंकना संसदीय आचरण के खिलाफ 
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नई दिल्ली। विपक्ष के सांसदों के हंगामे के चलते गुरुवार को भी संसद में कोई काम नहीं हुआ। लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे और फिर 4 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले राज्यसभा की कार्यवाही भी 12 बजे, फिर दोपहर दो बजे तक टालनी पड़ी। राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे शुरू हुई तो विपक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नकाल हुआ। इस दौरान सदस्यों के व्यवहार पर राज्यसभा के उप सभापति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, पेपर फाड़कर फेंकना संसदीय आचरण के खिलाफ है। उन्होंने कहा, मैं चेतावनी दे रहा हूं, आप रूल 247 और दूसरे रूल्स का उल्लंघन कर रहे हैं। आप पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि बाद में कार्यवाही दो बजे तक टालनी पड़ी। दो बजे के बाद कार्रवाई शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा। राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन नेशनल कैपिटल रीजन एंड एडज्वाइनिंग एरियाज 2021 को मंजूरी दी गई। बाद में हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही 3:40 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इस दौरान सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने दिल्ली में नौ वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के मुद्दे को उठाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य पेगासस जासूसी मामला और किसानों के मुद्दे पर हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए। हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह और पोत परिवहन तथा जलमार्ग मंत्री सवार्नंद सोनोवाल ने कुछ सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए।

हंगामे का लाभ लेकर बिल पास करने की कोशिश : खड़गे
राज्यसभा में एसेंसियल डिफेंस सर्विसेज बिल 2021 पर बहस शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हंगामा होने का फायदा उठाते हुए इस बिल को पारित करने की कोशिश हो रही है। इस बिल को चार्जिंग कमेटी या सिलेक्ट कमिटी को भेज दीजिए। यह विधेयक, इस सेक्टर के प्राइवेटाजेशन करने की कोशिश के तहत लाया गया है.
एनसी के दो सांसदों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन 
संसद भवन में गेट नंबर चार के बाहर नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो सांसदों ने अनुच्छेद 370 के मसले पर हाथ मे काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। हसनैन मसूदी और मोहम्मद अकबर लोन ने कहा, जो भी वहां पर हुआ वह हमें दिए गए वादे के खिलाफ था। हमें कुछ भरोसा दिया गया था, जो छीना गया वो वापस हो
कृषि कानून वापस लेने की मांग 
माकपा के सांसद के सोमप्रसाद ने सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार संसदीय लोकतंत्र की ‘हत्या’ कर रही है। पेगासस और किसानों के मसले पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है।  उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानून वापस लेने के लिए एक कानून आना चाहिए।  आरजेडी के सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में पूछा कि देश की हवा में किसानों के लिए जो जहर घोला गया है उस प्रदूषण से कैसे निपटेंगे।