प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश में, खासकर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) और उत्तराखंड (Uttrakhand) में लगातार आ रही प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बारिश, बादल फटने के कारण भूस्खलन तथा बाढ़ से हुए जानमाल के नुकसान गहरा दुख जताया।
बचाव में सशस्त्र बलों, NDRF व SDRF के योगदान की सराहना की
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से सड़कों व पुलों जैसे बुनियादी ढांचों को हुए भारी नुकसान और लोगों के विस्थापन का जिक्र किया। उन्होंने ड्रोन और हेलीकॉप्टर, थर्मल कैमरा जैसी तकनीकों का उपयोग करके बचाव और राहत अभियान चलाने में सशस्त्र बलों और स्थानीय अधिकारियों के अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के योगदान की सराहना की।
जम्मू-कश्मीर में हुई दो उल्लेखनीय घटनाओं पर भी प्रकाश डाला
इन परिस्थितियों के बीच जम्मू-कश्मीर में हुई दो उल्लेखनीय घटनाओं पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, पुलवामा ज़िले में रॉयल प्रीमियर लीग के तहत पहला दिन-रात्रि क्रिकेट मैच करवाया गया। इस टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर की 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिसका उद्घाटन मैच रॉयल गुडविल और सुल्तान स्प्रिंग्स बारामूला के बीच हुआ। इस आयोजन में भारी भीड़ उमड़ी, जो इस क्षेत्र में स्थानीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पुलवामा के एक स्टेडियम में इकट्ठा हुए रिकॉर्ड संख्या में लोग
पीएम मोदी ने कहा, ज़्यादा लोगों ने इन घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया, पर आपको इन उपलब्धियों के बारे में जानकर खुशी होगी। उन्होंने बताया कि पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए। पुलवामा का पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच यहीं खेला गया। उन्होंने कहा, पहले यह नामुमकिन था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है।
डल झील में पहली बार खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल
प्रधानमंत्री ने कहा, श्रीनगर की डल झील में पहली बार खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा, इस फेस्टिवल में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 800 से ज़्यादा एथलीटों ने हिस्सा लिया, जिनमें पुरुषों और महिलाओं की लगभग बराबर भागीदारी रही। इस आयोजन में कयाकिंग, नौकायन, कैनोइंग और पारंपरिक शिकारा दौड़ जैसी जल क्रीड़ा गतिविधियां शामिल थीं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में खेलों के विकास को बढ़ावा देना था।