Home लाइफस्टाइल स्‍वस्‍थ रहना है तो आज में जियें, जानें कुछ हैल्‍थी टिप्‍स…

स्‍वस्‍थ रहना है तो आज में जियें, जानें कुछ हैल्‍थी टिप्‍स…

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बीते हुए कल के बारे में सोच कर दुखी होने का कोई औचित्य नही है। आपके पास आज है आपको आज में जीना है। आज में जीना कई परेशानियों को हल करता है, और यह स्वास्थ्‍य की कुंजी भी है।

“हो गया सो गया, अब सोच करना व्यर्थ है।” जो गुजर चुका उसे तो लौटाया नहीं जा सकता, लेकिन आप अपने आज को अपने हिसाब से जीकर, अपने आने वाले भविष्य को अवश्य संवार सकते हैं। हम आपको बता‍ते है कि आज में जी कर आप हैल्थी कैसे रह सकते है। आइए जाने आज में जी कर हैल्थी रहनें के टिप्स।

आज में जीयें, अतीत को छोड़ दें
गुजर चुका समय तो वापस नहीं आ पाता है, लेकिन व्यक्ति दुःखी रहता है और उसे उन लोगों या हालातों पर गुस्सा आता रहता है, जिनके रहते वह अपने अतीत का मनचाहा उपयोग नहीं कर सका। अतीत को अतीत में छोड़ दो, अपनी गलतियों और अपनी सफलताओं से सीखने की कोशिश करो और अपने आज पर उसे हावी मत होने दो।

आज को संवारें
कल के लिए प्लनिंग करनी जरूरी है, लेकिन इसके लिए अपने आज को खराब न करें। इसके लिए, कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। नियमित दिनचर्या, खाने-पीने का ध्यान, समय पर सोयें और जागें।

आज के लिए समय निकालें
आज थोड़ा समय जरूर निकालें, कुछ नया करने, सीखने के लिए, घूमने और पढ़ने के लिए जिस से आप को मिलेगी नई जानकारी, नया जोश। आप का जीवन स्तर ऊपर उठेगा।

आज को सम्पूर्णता से जीना सीखें
जिन लोगों को आज को जीने का तरीका नहीं आता, उनका भविष्य भी अन्धकारमय होता है, परन्तु जिन लोगों ने आज को सम्पूर्णता से जीना सीख लिया है, निश्चित ही उनका भविष्य सुन्दर और सुखद ही होगा। अपने गुजर चुके जीवन से सबक सीखें और वर्तमान को पूर्णता से जीना सीखें। इससे आज तो अच्छा होगा ही और साथ ही आपका आने वाला कल भी संवर सकेगा। जिनके पास आज को जीने का कारण है, उनके पास आने वाले सुन्दर कल हैं।

आज को अच्छे से जीने के लिये, आपको अपने दैनिक जीवन में कुछ परिवर्तन लाने होंगे :-

1. सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन होगा आपको आपके प्रति, अपनों के प्रति सकारात्मक विचार और सोच रखनी होगी।

2. आशावादी बनें। निराशाओं को त्यागें। उम्मीद करें कि दुनियां अच्छी है और अधिक अच्छी बन सकती है।

3. दूसरों की बातें सुनें। दूसरों के अनुभवों से सीखें।

4. चीजों या परिस्थितियों को कोसना छोडें और उन्हें जैसी हैं, वैसी ही स्वीकारना शुरू करें। अस्वीकार नकारात्मकता और स्वीकार सकारात्मकता है।

5. निराशा और नकारात्मकता दोनों ही चिन्ता, तनाव, क्लेश और बीमारियों को जन्म देती हैं, जबकि आशा और सकारात्मकता जीवन में आनन्द, प्रगति, सुख, समृद्धि और शान्ति का द्वार खोलती हैं। जिससे जीवन जीने का असली मकसद पूरा होता है।

इन सब उपायों को अपनाकर आप आज में जीकर अपने आपको हैल्थी रख सकते है।

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