नई दिल्ली।राजस्थान में चल रहै राजनीतिक गतिरोध के शुक्रवार से पहले समाप्त होने के आसार हैं।राजस्थान के इस राजनीतिक संकट को लेकर दो तीन बातें साफ होती जा रही हैं।एक तो गहलोत सरकार ने बागी विधायकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा उनकी सदस्यता समाप्त करने की पूरी तैयारी की हुई है।कोर्ट का फैसला आते ही एक्शन ले लिया जायेगा।इसके एक दम बाद मुख्यमंत्री गहलोत इसी हफ्ते सदन बुला अपना बहुमत साबित कर देंगे। दूसरा सचिन पायलट के खिलाफ आने वाले दिनों में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले ओर मामले सामने आ सकते हैं।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज सचिन पर जिस तरह निक्कमा ओर नकारा होने जैसा गंभीर आरोप लगाया इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।गहलोत का यह कहना कि मुंबई कारपोरेट की मदद से सचिन एआईसीसी अध्य्क्ष बनना चाहते थे।उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।राहुल के इस्तीफे के बाद इस तरह की स्टोरी चलाई भी गई थी कि सचिन राष्ट्रीय अध्य्क्ष के लिये सबसे उपयुक्त है।माना जा रहा है कि सचिन के लिये अब कांग्रेस के दरवाजे हमेशा के लिये बन्द हो गए।
  कांग्रेस अब कोर्ट के फैसले की इंतजारी कर रही।कांग्रेस का पहला प्रयास बहुमत साबित करना है।उसके बाद मन्त्रिमण्डल का विस्तार कर प्रदेश भर में नई टीम तैयार की जायेगी।साथ ही 19 सीटों के लिये प्रत्याशियों का चयन भी जल्द होगा।कांग्रेस राजस्थान में नए रूप में नजर आयेगी।
शेखावत पर संकट -उधर बीजेपी में भी सब कुछ ठीक ठाक नही है।प्रदेश का बड़ा धड़ा जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ खड़ा हुआ है उससे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर संकट बढ़ना तय है।हालांकि वायरल ऑडियो में वह अपनी आवाज होने से इंकार कर रहे हैं और सवाल भी उठा रहे हैं।जांच कर रही एसओजी ने उनको पूछताछ ओर आवाज जांच के लिये नोटिस जारी कर दिया पर वह तैयार नही हो रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि जो हालात बन रहे हैं उसमें उनका मंत्री पद बचना मुश्किल है।इस बीच आज प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय उपाद्यक्ष ओम माथुर ने राष्ट्रीय अध्य्क्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर राज्य के रुख से अवगत कराया इससे पूर्व प्रदेश के कुछ नेताओं ने गृहमंत्री अमित शाह को भी रिपोर्ट सौंपी है।जो संकेत मिल रहे हैं बीजेपी का आलाकमान शेखावत का बहुत बचाव के मूड में नही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक मामला पहुंचा दिया गया है।वसुंधरा राजे की सक्रियता ओर प्रदेश के नेताओं के रुख से यही माना जा रहा है शेखावत अकेले पड़ गए हैं।समाप्त