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50% reservation for women in panchayats in Haryana: हरियाणा में पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण

चंडीगढ़ हरियाणा में महिलाओं के लिए 6 नवंबर को दिन मील का पत्थर साबित हुआ, महिला सशक्तिकरण और उनको बराबरी का हक देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। भाजपा-जजपा सरकार ने विधानसभा सत्र में पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण को मंजूरी दे दी है। अगले 10 साल में हर गांव में कोई न कोई महिला सरपंच जरुर बनेगी। इस लिहाज से पंचायती राज में महिलाओं को 50 फीसदी भागेदारी मिलेगी। सम-विषम संख्या के आधार पर महिला एवं पुरुष के लिए सीट आरक्षित होंगी। हर गांव में अब बारी बारी से महिला-पुरुष सरपंच होगा।

जिस गांव में महिला सरपंच निर्वाचित होगी, अगली योजना में उस गांव में पुरुष सरपंच होगा। इस बिल के पास होने पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह बिल प्रदेश की महिलाओं में नए आत्मविश्वास का संचार करेगा और उन्हें सशक्त करेगा। भविष्य में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं यानी जिला परिषद, ब्लॉक पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के चुनावों में यह नियम लागू हो जाएगा। प्रत्येक गांव को सम-विषम संख्या के आधार पर कोड दिए जाएंगे। पहली बार में सम क्रम वाले गांवों में सरपंच महिला रहेगी और अगली बार विषय क्रम संख्या वाले गांवों में महिला सरपंच बनेगी। इस तरह हर दस वर्ष में से पांच वर्ष हरियाणा के हर गांव में महिला सरपंच होगी। आरक्षित पदों पर भी यह नियम लागू होगा और उनमें भी सम-विषम संख्या के आधार पर पद आरक्षित होंगे। यही नहीं, ग्राम पंचायत के पंचों के विषय में भी यही प्रक्रिया रखी जाएगी और 50 फीसदी पंचों के पद महिलाओं के लिए रहेंगे।

ये व्यवस्था न केवल ग्राम पंचायतों बल्कि जिला परिषद और ब्लॉक पंचायत समितियों में भी लागू होगी। यह व्यवस्था ग्राम पंचायतों से आगे बढक़र जिला परिषद और ब्लॉक पंचायत समिति में भी लागू होगी। जिला परिषद और ब्लॉक समिति के सदस्यों और चेयरमैन के पदों के लिए भी ऑड-ईवन का फार्मूला इस्तेमाल किया जाएगा। पंचायती राज एक्ट में इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद हरियाणा के पंचायती राज तंत्र में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित हो जाएगी। इस व्यवस्था के लिए अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित सीटों और अन्य सीटों के लिए अलग-अलग समूह माने जाएंगे और उन समूहों में महिला आरक्षण लागू किया जाएगा।

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