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राजस्थान में फिर राजनीतिक हलचल

कांग्रेस जांच समिति नही जायेगी जयपुर
बीजेपी के 4 विधायकों को नोटिस
अजीत मेंदोला
नई दिल्ली।राजस्थान में  कांग्रेस और भाजपा के लिये अभी राजनीतिक हालात पूरी तरह से सामान्य नही हो पाए हैं।बीजेपी ने सदन से गायब रहने वाले चार विधायकों को गुरुवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर सफाई मांगी।उधर कांग्रेस की तरफ से अहमद पटेल की अगुवाई में बनाई गई जांच समिति जयपुर नही जायेगी।बल्कि सभी 125 विधायकों ओर नेताओं को दिल्ली बुलाया जायेगा।प्रदेश प्रभारी पार्टी महासचिव अजय माकन शुक्रवार के बाद कभी भी जयपुर जाएंगे।माकन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्य्क्ष गोविद सिंह डोटासरा समेत कुछ नेताओं से मीटिंग करेंगे। राज्यप्रभारी बनने के बाद माकन का यह पहला दौरा होगा।हालांकि सरकार पर संकट के समय माकन एक माह से अधिक समय तक विधायकों के साथ बाड़ेबंदी में रहे थे।समझा जा रहा है कि माकन मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्य्क्ष से चर्चा कर समिति के सदस्यों को जानकारी दे जांच की कार्रवाई शुरू करेंगे।समिति के सदस्यों के साथ होने वाली बैठक में विधायकों को कितनी संख्या में दिल्ली बुलाना है पर रणनीति बनेगी।
  राजस्थान में पिछले दिनों सचिन पायलट की अगुवाई में पार्टी के 19 विधायकों ने बागी तेवर अपना अपनी सरकार को संकट में डाल दिया था।इसके लिये मुख्यमंत्री गहलोत ने बीजेपी पर खरीद फरोख्त का आरोप लगा सबूत पेश किये थे।हालांकि गहलोत की सूझबूझ के चलते बीजेपी की सरकार गिराने की कोशिश असफल हो गई थी।खुद बीजेपी मे टूट का खतरा पैदा हो गया था।ऑपरेशन लॉट्स के असफल होने के बाद सचिन पायलट समेत 19 बागी विधायकों की नाटकीय ढंग से कांग्रेस में वापसी हो गई।लेकिन साथ ही कांग्रेस अध्य्क्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे को हटा उनकी जगह अजय माकन को जिम्मेदारी दे।पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव कोषड्यक्ष अहमद पटेल,संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रभारी महासचिव माकन को पूरे घटनाक्रम की जांच की जिम्मेदारी दे दी।माकन ने tdg जी को बताया कि वह पहले 21 अगस्त के बाद जयपुर जायँगे।क्योंकि वहाँ कोरोना के चलते वहाँ पर शुक्रवार को ही मानसून सत्र समाप्त हो जाएगा।वह मुख्यमंत्री,प्रदेश अध्य्क्ष समेत कुछ नेताओं से मिलेंगे।माकन ने बताया राजस्थान प्रकरण की जांच के लिये बनाई समिति जयपुर नही जायेगी।सभी 125 विधायकों को दिल्ली बुलाया जायेगा।कितनी संख्या में कब बुलाना है जयपुर से लौटने के बाद समिति के सदस्य तय करेंगे।समिति उन सब रिपोर्ट को भी देखेगी जो राज्यसभा चुनाव के समय हुये घटनाक्रम से लेकर अभी तक की होंगी।सभी पहलुओं की पड़ताल होगी।केवल बागी विधायकों तक जांच केंद्रित नही रहेगी। कांग्रेस के रुख से साफ हो गया कि आलाकमान राजस्थान में सरकार अस्थिर करने वालों से खासा नाराज है।आलाकमान की नजर इस बात पर भी है कि मना करने के बाद भी बागी नेता क्या गतिविधि कर रहे हैं।किस तरह के बयान अभी भी वे दे रहे हैं।इस संबन्ध प्रदेश कांग्रेस से रिपोर्ट मॉगी जा सकती है।
  गहलोत के दावे में दम -उधर आज बीजेपी में भी हलचल थी।बीजेपी ने विश्वास मत से गायब रहने वाले 4 विधायकों को कारण बताओ नोटिस दे उनसे सफाई ली।हालांकि उनके खिलाफ अभी एक्शन नही हुआ।लेकिन पार्टी दुविधा में घिर गई है।क्योकि विश्वासमत से पहले यह चर्चा आम थी कि गहलोत बागियों के खिलाफ वोट डालने के बाद भी अपना बहुमत साबित कर देंगे।गहलोत बराबर कह भी रहे थे कि उनके पास बहुमत है।सूत्रों का कहना है कि बीजेपी ने भी अपनी पार्टी में टूट का खतरा देख अपने कदम वापस खिंचे थे।हालांकि ऐसी नोबत नही आई,लेकिन 14 अगस्त को विश्वासमत के दिन बीजेपी के विधायक गोपीचंद मीणा,कैलाश मीणा, हरेन्द्र निनामा ओर गौतम मीणा सदन से गायब हो गए थे।इन विधायकों के गायब होने के चलते बीजेपी ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने का विचार बदला।विधायक शक के घेरे में आ गए।आज बीजेपी विधायक दल नेता के नेता गुलाब चंद कटारिया ओर प्रदेश अध्य्क्ष सतीश पूनिया ने उनसे जवाब मांगा।पूनिया के अनुसार 4 विधायकों ने अपना पक्ष रख दिया है।अब नेताओ के साथ चर्चा कर फैसला।करेंगे।बीजेपी के लिये फैसला बहुत आसान नही है।क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत पार्टी का बड़ा धड़ा सरकार गिराने के पक्ष में नही था।
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