फरीदाबाद में यमुना और कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी कल से ओवरफ्लो
Haryana Weather Update, (आज समाज), चंडीगढ़: आज हरियाणा के 12 जिलों में बारिश हुई। इसके अलावा पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के कारण सिरसा में घग्गर नदी डेंजर लेवल पर है। फरीदाबाद में यमुना और कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी कल से ओवरफ्लो चल रही है, जिस कारण हरियाणा सरकार ने प्रदेश में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट घोषित किया है। हालात बिगड़ते देख सरकार ने पब्लिक हेल्थ विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।

उनके स्टेशन छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। खुद सीएम नायब सैनी ने 2 से 5 सितंबर तक का यूएई दौरा रद्द कर दिया है। वहीं फतेहाबाद में गड्ढे में कार डूबने से एक की मौत हो गई। इसके अलावा नारनौल में बांध में डूबने से किसान की मौत हो गई।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि प्रदेश में आज और 1 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश के अलावा कुछेक स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। वहीं 2 और 3 सितंबर को हल्की बारिश होगी। उसके बाद 3 सितंबर से मौसम साफ होने की संभावना है।

शाम 5:30 बजे तक इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने शाम 5:30 बजे तक के लिए 6 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इनमें कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर शामिल हैं। यहां कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

मारकंडा नदी ओवरफ्लो, कुरुक्षेत्र के 7 गांव में अलर्ट, घग्गर भी उफान पर

कठवा गांव के खेतों में भरा पानी।

वहीं बारिश की वजह से प्रदेश में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। घग्गर का पानी डेंजर लेवल को पार कर चुका है। शनिवार को यमुना फरीदाबाद में और मारकंडा नदी कुरूक्षेत्र में ओवरफ्लो हो गई। जिसके बाद कुरुक्षेत्र के कठवा गांव में पानी घुस गया और कुल 7 गांवों में अलर्ट जारी किया गया।

गुमटी, पट्टी जामड़ा, मुगल माजरा, मलकपुर, कलसाना और तंगौर में लगभग 600 एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। पशुओं का हरा चारा खत्म होने के कारण आसपास के गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में चारा लाया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

मारकंडा नदी से प्रभावित क्षेत्र

मारकंडा नदी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के काला अंब से निकलकर अंबाला, मुलाना, शाहाबाद, इस्माइलाबाद, पंजाब बॉर्डर और कैथल होते हुए राजस्थान तक जाती है। इस्माइलाबाद के नैसी में 2 महीने में दो बार तटबंध टूटा, कैंथला में पहली बार 150 एकड़ फसल प्रभावित हुई। मुलाना के हेमा माजरा गांव में भी 30,000 क्यूसेक से ऊपर पानी के कारण नुकसान हुआ।

किसानों को सलाह, खेतों में पानी जमा न होने दें

बरसात धान की फसल के लिए लाभदायक रहेगी, लेकिन नरमा, कपास, ग्वार, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों पर इसके नकारात्मक असर पड़ सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में पानी जमा न होने दें, ताकि फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

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