Home लोकसभा चुनाव SATIRE: फिर डाल पर बैताल

SATIRE: फिर डाल पर बैताल

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 विक्रम तूं नादान है। तुझे पता है आज की आभासी दुनिया में क्या हो रहा है।
चल तुझे सैर करा लाऊं।
कहां लेकर चलेगा बैताल पहले ये बता।
चल आज ट्वीटर पर सैर कराता हूं। यहां बड़ी मजेदार बातें होती हैं रे।
अच्छा तो चल।
तुझे पता है पिछले दिनों देश के मुखिया ने यहां लिख दिया कि सभी लोग वोट करें। बढ़ चढ़ कर वोटिंग में हिस्सा लें। और हां नया प्रधानमंत्री भी चुन लें। इसके बाद अपना यूपी वाला युवराज है न।
अरे बैतल, वही क्या, जिसके पिता बेहद मुलायम हैं। इतने मुलायम की, कुछ भी बोल दें तो कान से मक्खन की तरह उनकी बातें फिसल जाती है, कुछ समझ नहीं आता है। बता न क्या बोल दिया मुलायम के युवराज ने।
उसने तो गजब की कर दिया विक्रम। लिखा कि दिल खुश हुआ कि प्रधानमंत्री जी भी महागठबंधन से महा परिवर्तन की अपील कर रहे हैं। मैं भी सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान करें और नया प्रधान मंत्री चुनें।
क्यों इसमें क्या गजब हो गया बैताल?
अब तूं ही बता विक्रम, जो मुखिया है वह किसी और को क्यों मुखिया चुनने के लिए बोलेगा। क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी क्लास का मॉनिटर दूसरे को मॉनिटर चुनने के लिए बोलेगा। वह खुद नहीं बना रहेगा?
तूं भी न बैताल कैसा-कैसा प्रश्न करता है।
तो तंू दे मेरे सवालों का जवाब। नहीं देगा जवाब। तो ले चला मैं। मैं यहीं डाल पर ही ठीक हूं।

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