कोविड-19 के दौरान केंद्र सरकार ने लिया था 2.69 करोड़ का कर्ज, जिसे चुकाने के लिए शुरू किया था कॉम्पेनसेशन सेस
Business News Hindi (आज समाज), बिजनेस डेस्क : अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव से निपटने और अर्थव्यवस्था के विकास की गति को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। इन्हीं के चलते जहां केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में बदलाव का निर्णय लिया है। वहीं अब बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार कॉम्पेनसेशन सेस को भी खत्म करने पर विचार कर रही है। बताया यह भी जा रहा है कि जीएसटी की होने वाली बैठक में इसपर फैसला लिए जाने की पूरी संभावना है।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 के दौरान राज्यों की मदद के लिए 2.69 लाख करोड़ का कर्ज लिया था। इस कर्ज को चुकाने के लिए कॉम्पेनसेशन सेस को मार्च 2026 तक बढ़ाया गया था।
मजबूत जीएसटी कलेक्शन की वजह से सरकार यह कर्ज अक्टूबर 2025 तक चुकाने की राह पर है। ऐसे में अगली मीटिंग में जीएसटी काउंसिल यह तय करेगी कि सेस को पूरी तरह हटाना है या जीएसटी स्लैब में शामिल करना है।
अब जीएसटी के दो ही स्लैब होने की उम्मीद
जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में जीएटी के स्लैब को कम करने को लेकर फैसला आ सकता है। जीएसटी के 12% और 28% के स्लैब को खत्म करने की मंजूरी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है तो सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% ही होंगे। लग्जरी आइटम्स 40% के दायरे में आएंगे।
अभी जीएसटी के 4 स्लैब 5%, 12%, 18%, और 28% होते हैं। इससे 21 अगस्त को हुई जीएसटी काउंसिल के मंत्रियों के समूह ने इसके 12% और 28% के स्लैब को खत्म करने की मंजूरी दे दी थी।
पीएम मोदी ने 15 अगस्त को किया था ऐलान
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी रिफॉर्म्स का ऐलान किया था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा था कि इस साल दिवाली में बड़ा तोहफा मिलने वाला है। हम नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लेकर आ रहे हैं। सामान्य लोगों के लिए टैक्स कम कर देंगे, रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएगी, लोगों को बहुत फायदा होगा।
ये सामान सस्ता होने की उम्मीद
यदि जीएसटी की दरों में आने वाले दिनों में परिवर्तन किया जाता है तो एक्सपर्ट के मुताबिक सूखे मेवे, ब्रांडेड नमकीन, टूथ पाउडर, टूथपेस्ट, साबुन, हेयर आॅयल, सामान्य एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर दवाएं, प्रोसेस्ड फूड, स्नैक्स, फ्रोजन सब्जियां, कंडेंस्ड मिल्क, कुछ मोबाइल, कुछ कंप्यूटर, सिलाई मशीन, प्रेशर कुकर, गीजर जैसी चीजें सस्ती होंगी। इनके अलावा बिना बिजली वाले पानी के फिल्टर, इलेक्ट्रिक आयरन, वैक्यूम क्लीनर, 1000 रुपए से ज्यादा के रेडीमेड कपड़े, 500-1000 रुपए की रेंज वाले जूते, ज्यादातर वैक्सीन, एचआईवी/टीबी डायग्नोस्टिक किट, साइकिल, बर्तन पर भी कम टैक्स लगेगा।
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