कहा- हमने अमेरिकी फाइटर जेट्स को उतरने नहीं दिया
US Israel Vs Iran War, (आज समाज) तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच श्रीलंका ने अमेरिका के फाइटर जेट्स को अपने यहां उतारने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने शुक्रवार को संसद में बताया कि अमेरिका ने 26 फरवरी को अनुरोध किया था कि जिबूती बेस से दो मिसाइलों से लैस फाइटर जेट्स को 4 से 8 मार्च के बीच मटाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात किया जाए। उन्होंने कहा, हमने साफ मना कर दिया।
हम अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने देंगे। दिसानायके ने कहा कि श्रीलंका अपनी तटस्थ नीति पर कायम है और किसी भी पक्ष के लिए सैन्य आधार नहीं बनेगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उसी दिन ईरान ने भी अपने तीन युद्धपोतों को श्रीलंका आने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा, अगर हम ईरान को अनुमति देते, तो हमें अमेरिका को भी देनी पड़ती। इसलिए हमने दोनों को ही मना किया और तटस्थ रुख बनाए रखा। इस बीच, 4 मार्च को श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी हमले में ईरानी जहाज आईआरआईएस देना डूब गया, जिसमें 84 नाविकों की मौत हुई। श्रीलंका की नौसेना ने 32 लोगों को बचाया।
ईरानी जहाज मानवीय आधार पर श्रीलंका में प्रवेश दिया गया
राष्ट्रपति ने बताया कि बाद में एक अन्य ईरानी जहाज बुशहर को मानवीय आधार पर श्रीलंका में प्रवेश दिया गया, ताकि उसके 200 से ज्यादा नाविकों की जान बचाई जा सके।
ट्रम्प ने नाटो देशों को कायर कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर नाटो सहयोगी देशों पर नाराजगी जताई है। ट्रम्प ने कहा है कि नाटो देश कायर हैं और अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, वे न्यूक्लियर ताकत वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं।
ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि इसे खुला रखने के लिए सैन्य मदद देना आसान है, लेकिन सहयोगी देश इसमें भी पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा, यह बहुत आसान सैन्य कदम है, जिसमें बहुत कम जोखिम है, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते। कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे। ट्रम्प के इस बयान से साफ है कि ईरान जंग को लेकर अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद और गहरे हो गए हैं।
इजराइल का दावा-एयरस्ट्राइक में बसीज इंटेलिजेंस चीफ की मौत
इजराइल ने दावा किया है कि उसने तेहरान में हुए एक हालिया एयरस्ट्राइक में ईरान की बसीज फोर्स के इंटेलिजेंस चीफ इस्माइल अहमदी को मार गिराया है। इजराइली सेना के मुताबिक, यह हमला तेहरान के सेंट्रल हिस्से में स्थित बसीज कमांड सेंटर पर किया गया था।
सेना ने कहा कि अहमदी बसीज के इंटेलिजेंस विंग के प्रमुख थे और ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने में उनकी अहम भूमिका रही थी। हालांकि, इस पर ईरान की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ये भी पढ़ें: स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म मानने से मुमकिन


