घर में शांति, सुख और समृद्धि का होता हैं वास
Kapoor Jalane Ke Fayde, (आज समाज), नई दिल्ली: सनातन धर्म में पूजा-पाठ के समय कपूर के विशेष स्थान होता है। दरअसल, पूजा, आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में कपूर का उपयोग पवित्रता और त्याग का प्रतीक माना गया है। कपूर जलने पर पूरी तरह जल जाता है और उसका कोई अवशेष नहीं बचता। इसी कारण कपूर को अहंकार और निगेटिव एनर्जी के नाश का प्रतीक भी माना गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कपूर जलाने से वातावरण से निगेटिव एनर्जी भाग जाती है और घर में पॉजिटिव एनर्जी महसूस होने लग जाती है। शास्त्रों के मुताबिक, शाम के समय कपूर जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि शाम के समय कपूर का धुआं पूरे घर में फैल जाए, तो कहा जाता है कि घर में शांति, सुख और समृद्धि का वास होगा। यद्यपि दिन या रात के किसी भी समय कपूर जलाना शुभ होता है, फिर भी माना जाता है कि शाम के समय जलाने से इसके प्रभाव और भी अधिक होते हैं।
वातावरण को शुद्ध करती है कपूर की सुगंध
मान्यता है कि शाम को कपूर जलाने से देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कपूर की सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है और देवी लक्ष्मी स्वच्छ घर में शीघ्र प्रवेश करती हैं। इससे धीरे-धीरे घर की आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। आर्थिक समस्याओं और गरीबी से जूझ रहे लोगों की ओर से शाम की प्रार्थना के दौरान कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर में फैलाने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और रुकी हुई प्रगति फिर से शुरू होती है।
वास्तु दोष है तो भी जलाएं कपूर
वास्तु शास्त्र की दृष्टि से भी कपूर का विशेष महत्व है। यदि घर में वास्तु दोष हैं, तो प्रतिदिन शाम को कपूर जलाने से उनके बुरे प्रभाव कम हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि कपूर का धुआं घर को शुद्ध करता है और ऊर्जा संतुलन को बहाल करने में सहायक होता है। इसके अलावा शास्त्रों के अनुसार, कपूर कर्ज और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने में भी उपयोगी है। इससे पारिवारिक कलह, अशांति और घरेलू कलह कम होती है।
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