Adhik Maas Amavasya: अधिकमास की अमावस्या कब है? जानें डेट, शुभ मुहूर्त और उपाय

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Adhik Maas Amavasya: अधिकमास की अमावस्या कब है? जानें डेट, शुभ मुहूर्त और उपाय
Adhik Maas Amavasya: अधिकमास की अमावस्या कब है? जानें डेट, शुभ मुहूर्त और उपाय

तर्पण, पिंडदान, दान और पीपल पूजन जैसे विशेष उपाय करने से पितृ होते है प्रसन्न
Adhik Maas Amavasya, (आज समाज), मुंबई: इन दिनों अधिकमास चल रहा है। ये माह भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है। इसलिए इस मास को पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। ये मास 15 जून को रहेगा। इस माह में पड़ने वाले व्रत, त्योहार और तिथियां बहुत खास होती हैं, क्योंकि ये तीन साल में एक बार पड़ती हैं। आज अधिकमास की पूर्णिमा के स्नान-दान का दिन है। जून माह में अधिकमास की अमावस्या पड़ेगी। अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित की गई है।

मान्यतानुसार, इस तिथि पर पूर्वज धरती पर आते हैं। यही वजह है कि इस दिन पूर्वजों के निमित्त विशेष तौर पर तर्पण, पिंडदान और दान जैसे कर्म किए जाते हैं। इन कर्मों से पितृ प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। पितरों की कृपा से घर में खुशहाली बनी रहती है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या 15 जून को पड़ेगी। आइए जानते हैं इस अमावस्या का शुभ मुहूर्त और उपाय।

अधिकमास अमावस्या तिथि

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या तिथि की शुरूआत 14 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर होगी। 15 जून 2026 को सोमवार के दिन इस सुबह सुबह 8 बजकर 23 मिनट इस अमावस्या तिथि का समापन होगा। ऐसे मेंं उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, अधिकमास की अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार के दिन मनाई जाएगी। ये सोमवती अमावस्या रहेगी।

अधिकमास अमावस्या शुभ मुहूर्त

अधिकमास की अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 02 मिनट से लेकर 04 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 54 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।गोधूलि मुहूर्त- शाम 7 बजकर 19 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।अमृत काल- सुबह 11 बजकर 28 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।

अधिकमास की अमावस्या के उपाय

  • अधिकमास की अमावस्या पर घर के दरवाजे में प्रमुख दरवाजे के दोनों ओर 1-1 बड़ा दीपक रखें। दीपक में गोबर के उपले डालें। फिर उसको जलाएं। जब उपले से धुआं निकलना बंद हो जाए, तो दोनों दीप का पूजन करें। ऐसा करने से देवता और पितृ दोनों प्रसन्न होंगे।
  • अधिकमास की अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा कर उसमें जल और जनेऊ चढ़ाएं। वहीं बैठकर ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। फिर पीपल की परिक्रमा भी करें।
  • अधिकमास की अमावस्या आटे की गोलियां बनाकर किसी तालाब या नदी में मौजूद मछलियों को दें। इस उपाय को करने से आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है।