इस दिन व्रत करने से जीवन में धन-धान्य की होगी वृद्धि
Saphala Ekadashi, (आज समाज), नई दिल्ली: हर माह में दो और साल भर में कुछ 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं। ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पौष माह में सफला एकादशी का व्रत रखा जाता है। ये व्रत हर साल पौष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजन करने से सारे काम बन जाते हैं।

भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं होती। जीवन खुशहाल रहता है। आइए जानते हैं कि इस साल सफला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? साथ ही जानते हैं कि सफला एकादशी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व।

सफला एकादशी डेट और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 दिसंबर को रात 08 बजकर 46 मिनट पर शुरू हो जाएगी। वहीं इस तिथि का समापन 15 दिसंबर को रात 10 बजकर 09 मिनट पर होगा। ऐसे में पंचांग को देखते हुए इस साल 15 दिसंबर को सफला एकादशी का व्रत रहेगा।

सफला एकादशी पूजा विधि

सफला एकादशी व्रत से एक दिन पहले दशमी तिथि की शाम को सात्विक भोजन करना चाहिए। एकादशी की सुबह स्नान करके हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा रखनी चाहिए। फिर उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल, और तुलसी दल चढ़ाना चाहिए। इसके बाद केला, मिठाई और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए। व्रत कथा पढ़नी चाहिए। अंत में आरती करके पूजा संपन्न करनी चाहिए।

सफला एकादशी का महत्व

सफला एकादशी के दिन व्रत और भगवान विष्णु का पूजन करने से सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। काम में आ रहीं सभी रुकावटें दूर होती हैं। सफला एकादशी का व्रत रखने से हजारों सालों की तपस्या के बराबर फल प्राप्त होता है। साथ ही घर में घर में सौभाग्य और समृद्धि आती है।

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