Supreme Court: हम तय करेंगे कौन हथियार और किसे धमकाया गया: सुप्रीम कोर्ट

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Supreme Court: हम तय करेंगे कौन हथियार और किसे धमकाया गया: सुप्रीम कोर्ट
Supreme Court: हम तय करेंगे कौन हथियार और किसे धमकाया गया: सुप्रीम कोर्ट

पश्चिम बंगाल में आई-पीएसी से जुड़े रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, ममता सरकार ने केंद्र पर लगाया ईडी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप
Supreme Court, (आज समाज), नई दिल्ली: केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का उन राज्यों में हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जहां विपक्ष की सरकार है। यह कहना है पश्चिम बंगाल की ममता सरकार का। यह आरोप आज ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार पर लगाया। दरअसल, पश्चिम बंगाल में आई-पीएसी से जुड़े रेड मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

वहीं ममता सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि हम किसी के हथियार नहीं हैं। बंगाल में ममता सरकार ने हमें धमकाया। दोनों पक्षों के बीच बहस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसका हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और किसे धमकाया जा रहा है, यह हम तय करेंगे।

ईडी ने की सीबीआई जांच की मांग

ईडी ने आई-पीएसी रेड मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। ईडी का आरोप है कि 8 जनवरी को आई-पीएसी के आॅफिसों पर रेड के दौरान सीएम ममता बनर्जी और बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने उनकी कार्रवाई में रुकावट डाली।

18 मार्च को होगी मामले की अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवारई 18 मार्च तक टाल दी है। इससे पहले 3 फरवरी को सुनवाई टाली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का ईडी की जांच में बाधा डालना बहुत गंभीर मुद्दा है।

2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस

आई-पीएसी यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। उइक ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को एफआईआर दर्ज की थी। पूरा मामला 2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

आई-पीएसी पर ईडी ने मारा था छापा

आरोप है कि 20 करोड़ हवाला के जरिए आई-पीएसी तक ट्रांसफर हुए। ईडी ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को एऊ ने कोलकाता में आई-पीएसी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और आॅफिस पर छापा मारा था।

रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गई थी सीएम ममता बनर्जी

सर्च आॅपरेशन के दौरान, सीएम ममता बनर्जी अन्य टीएमसी नेताओं के साथ आई-पीएसी आॅफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता आॅफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया।

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