कहा- अगर ऐसा नहीं किया तो रूस और चीन जैसे देश ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे, हम अपने पड़ोस में इन देशों को नहीं चाहते
Greenland Crisis, (आज समाज), नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ग्रीनलैंड पर कब्जा करना हमारी मजबूरी हैं। ट्रम्प ने कहा, अगर अमेरिका ने ऐसा नहीं किया तो रूस और चीन जैसे देश इस पर काबिज हो जाएंगे। हम अपने पड़ोस में इन देशों को नहीं चाहते। ट्रम्प ने यह बात व्हाइट हाउस में तेल और गैस कंपनियों के बड़े अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कही। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करना जमीन खरीदने का मसला नहीं है, यह रूस और चीन को दूर रखने से जुड़ा है।
हम ऐसे देशों को अपना पड़ोसी बनते देख नहीं सकते। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ग्रीनलैंड के लोगों को सीधे पैसे देकर उन्हें अमेरिका के साथ जुड़ने के लिए राजी करने की योजना बना रहा है। इसपर ट्रम्प ने कहा, अभी मैं ग्रीनलैंड के लिए पैसे की बात नहीं कर रहा हूं। हो सकता है बाद में करूं। ट्रम्प ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा।
ग्रीनलैंड को आसान तरीके से हासिल नहीं कर पाया, तो दूसरे सख्त तरीके अपनाने होंगे
ट्रम्प ने आगे कहा, अमेरिका अगर ग्रीनलैंड को आसान तरीके से हासिल नहीं कर पाया, तो दूसरे सख्त तरीके अपनाने होंगे। उन्होंने कहा, हम ग्रीनलैंड के मुद्दे पर कुछ न कुछ करेंगे, चाहे उन्हें पसंद हो या न हो। उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैं चाहता हूं कि सौदा आसान तरीके से हो जाए। हालांकि, उन्होंने डेनमार्क के प्रति अपनी नरमी भी जताई और कहा, वैसे मैं डेनमार्क का बहुत बड़ा फैन हूं। वे मेरे साथ बहुत अच्छे रहे हैं।
हम रूस या चीन को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने नहीं देंगे
ट्रम्प ने ग्रीनलैंड के पास रूसी और चीनी नौसेना की बढ़ती गतिविधियों का हवाला दिया, जिसमें डिस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां शामिल हैं। ट्रम्प ने जोर देकर कहा, हम रूस या चीन को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि वे चीन और रूस दोनों को पसंद करते हैं। उनके नेताओं व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन वह उन्हें ग्रीनलैंड नहीं दे सकते।
लीज काफी नहीं हैं, हम मालिक बनकर अच्छे तरीके से रक्षा करेंगे
जब ट्रम्प से पूछा गया कि अमेरिका का पहले से ही वहां सैन्य अड्डा है, तो पूरे कब्जे की क्या जरूरत है। इसपर ट्रम्प ने जवाब दिया कि लीज काफी नहीं हैं। उन्होंने कहा, जब हम मालिक होते हैं, तो हम इसकी रक्षा करते हैं। लीज की रक्षा उतनी नहीं की जाती। हमें पूरा मालिकाना हक चाहिए।
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