Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा- नोबेल नहीं मिला, अब शांति पर भरोसा नहीं

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Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा- नोबेल नहीं मिला, अब शांति पर भरोसा नहीं
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा- नोबेल नहीं मिला, अब शांति पर भरोसा नहीं

8 जंग रुकवाई, नोबेल नहीं मिलने पर की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश
Donald Trump, (आज समाज), नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें नोबेल न मिलने की शिकायत की गई है। पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने लिखा कि 8 जंग रुकवाने के बावजूद उन्हें नोबेल नहीं मिला। इसलिए अब उन्होंने शांति के बारे में सोचना छोड़ दिया है। ट्रम्प ने आगे लिखा, शांति जरूरी है, लेकिन अब वह यह भी सोचेंगे कि अमेरिका के हित में क्या सही है।

ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की उनकी कोशिश की एक वजह नोबेल शांति पुरस्कार न मिलना भी है। इसकी वजह से उनके फैसले पर भी असर पड़ रहा है। नॉर्वे के पीएम ने ट्रम्प की चिट्ठी मिलने की पुष्टि की है। दरअसल, उन्होंने और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने मिलकर ट्रम्प को टैरिफ बढ़ाने के फैसले के विरोध में एक चिट्ठी भेजी थी। इसके जवाब में ट्रम्प ने नोबेल न मिलने की शिकायत कर दी।

नाटो को अमेरिका के लिए कुछ करना चाहिए

ट्रम्प ने चिट्ठी में आगे लिखा, डेनमार्क उस जमीन (ग्रीनलैंड) को रूस या चीन से बचा नहीं सकता। फिर सवाल यह है कि उनका उस पर मालिकाना हक आखिर क्यों है? ऐसा कोई लिखित दस्तावेज नहीं है। बस इतना है कि सैकड़ों साल पहले वहां उनकी एक नाव पहुंची थी, लेकिन हमारी नावें भी वहां पहुंची थीं।

ट्रम्प ने आगे लिखा कि नाटो की स्थापना के बाद से उन्होंने किसी से भी ज्यादा नाटो के लिए काम किया है। अब नाटो को भी अमेरिका के लिए कुछ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक ग्रीनलैंड पर अमेरिका का पूरा कब्जा नहीं हो जाता। उन्होंने दावा किया कि ग्रीनलैंड अमेरिका के हाथ में होने से नाटो और ज्यादा मजबूत और प्रभावी हो जाएगा।

मांगने पर भी नोबेल पीस प्राइज नहीं मिला

ट्रम्प हमेशा नोबेल शांति पुरस्कार लेने की इच्छा जताते रहे हैं। ट्रम्प ने सबसे पहले नोबेल लेने की इच्छा भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए संघर्ष को रुकवाने के दावे की साथ जताई थी। उन्होंने कहा था कि उनके कारण न्यूक्लियर देशों के बीच जंग की स्थिति टली। पाकिस्तान ने ट्रम्प को धन्यवाद देते हुए उन्हें नोबेल के लिए नॉमिनेट भी किया था। हालांकि, भारत हमेशा ट्रम्प के इस दावे को खारिज करता आया है।

अक्टूबर 2025 में वेनेजुएलाई नेता मारिया मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें वेनेजुएला के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके प्रयासों और तानाशाही से शांतिपूर्ण लड़ाई के लिए यह सम्मान मिला था। जब यह मचाडो को मिला तो ट्रम्प ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि जिमी कार्टर के बाद वह पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने कोई नया युद्ध शुरू नहीं किया।

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