युवाओं को दिया 2.5 लाख रुपए महीने का आॅफर
Germany, (आज समाज), नई दिल्ली: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी ने लंबे समय तक सैन्य ताकत से दूरी बनाए रखी, लेकिन अब उसने सेना पर खर्च बढ़ा दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मन सरकार यूरोप की सबसे ताकतवर सेना बनाने के मिशन पर निकल चुकी है। युवाओं को सेना में लाने के लिए करीब 2.5 लाख रुपए महीने तक का आॅफर दिया जा रहा है। रूस के बढ़ते खतरे और ट्रम्प के दौर में अमेरिका से टूटते भरोसे ने जर्मनी को यह एहसास दिला दिया है कि अब अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी उसे खुद ही उठानी होगी।
हर युवा को फिटनेस सर्टिफिकेट भरना होगा
रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की शुरूआत से ही जर्मनी में 18 साल के लड़कों को एक जरूरी फॉर्म भेजा जा रहा है। इसमें उनसे पूछा जा रहा है कि वे सेना में जाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से कितने सक्षम हैं। यह नियम पिछले महीने पास हुए एक नए कानून के बाद लागू किया गया है। वहां पर सेना में भर्ती होना स्वैच्छिक (इच्छा से) है, लेकिन नया कानून सरकार को यह अधिकार देता है कि अगर जरूरत पड़ी तो जरूरी सैन्य सेवा भी लागू की जा सकती है। सरकार का मकसद यूरोप की सबसे ताकतवर सेना बनाना है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार होगा।
युवाओं को सेना में शामिल होने के लुभावने आॅफर
जर्मन सेना (बुंडेसवेयर) में पिछले साल नवंबर तक एक्टिव आर्मी की संख्या 1 लाख 84 हजार थी। मई से नवंबर 2025 के बीच इसमें 25,000 का इजाफा किया गया। मई में ही चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने संसद से कहा था कि जर्मन सेना को यूरोप की सबसे मजबूत सेना बनना होगा। बुंडेसवेयर के सैन्य इतिहासकार टीमो ग्राफ ने अल जजीरा से कहा कि बहुत लंबे समय के बाद सेना इतनी बड़ी हुई है। सरकार युवाओं को 23 महीने की अनिवार्य सेवा के लिए आकर्षक प्रस्ताव दे रही है।
अच्छी तनख्वाह और कई सुविधाएं शामिल
इसमें अच्छी तनख्वाह और कई सुविधाएं शामिल हैं। वेतन 2,600 यूरो (करीब 2.5 लाख रुपए) है। रहने की जगह मुफ्त है, इलाज मुफ्त है। टैक्स कटने के बाद भी करीब 2,300 यूरो (2 लाख रुपए) बचते हैं। युवाओं के लिए यह बहुत बड़ी रकम है। जर्मनी ने नाटो से वादा किया है कि 2035 तक उसके बाद 2 लाख 60 हजार एक्टिव सैनिक हो जाएंगे। इसके अलावा उसके पास 2 लाख रिजर्व सैनिक भी होंगे। इससे सेना की कुल संख्या करीब 5 लाख के करीब हो जाएगी। यह शीत युद्ध के अंत (90 के दशक की शुरूआत) के समय के बराबर होगी।
जर्मनी की बढ़ती ताकत से रूस परेशान
रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी की बढ़ती सैन्य ताकत रूस को परेशान कर रही है। जर्मनी में रूस के राजदूत सर्गेई नेचायेव ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में कहा, जर्मनी की नई सरकार रूस से संभावित युद्ध की तैयारी तेज कर रही है। जर्मनी का कहना है कि रूस का यूक्रेन से पीछे हटने से इनकार ही इसकी वजह है। इसी वजह से जर्मनी इस साल सेना के रिस्ट्रक्चर पर 108 अरब यूरो (करीब 9 लाख 70 हजार करोड़ रुपए) खर्च कर रहा है।
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