कहा- जंग रोकने के लिए ईरान का आॅफर ठुकरा दिया है
Iran US War Ceasefire, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, ईरान पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। इसी वजह से अमेरिका को ईरान के खिलाफ जंग में उतरना पड़ा। अगर हम ऐसा नहीं करते, तो उनके पास परमाणु हथियार होता और इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप तबाह हो जाते। हम ऐसे पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं जाने दे सकते।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट को एक परमाणु खतरे से बचा लिया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने जंग रोकने के लिए ईरान का आॅफर फिर से ठुकरा दिया है। इससे पहले ईरान 26 और 27 अप्रैल को भी अपना प्रस्ताव भेज चुका है जिसे वे ठुकरा चुके हैं।
बातचीत के लिए आने से पहले एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का जिक्र नहीं किया है, इससे ट्रम्प नाखुश हैं। वहीं ईरान का कहना है कि होर्मुज को तुरंत खोलना चाहिए, परमाणु मुद्दे पर बाद में बातचीत होगी। जबकि ट्रम्प चाहते हैं कि दोनों चीजें एकसाथ हों। ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान को बातचीत के लिए आने से पहले एनरिच्ड यूरेनियम को सौंपना होगा।
अमेरिका और इजराइल ने जबरदस्ती और गैर कानूनी युद्ध शुरू किया
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने जबरदस्ती और गैर कानूनी युद्ध शुरू किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता का यह अधिकार और जिम्मेदारी है कि वे ट्रम्प की सरकार से जवाब मांगे कि यह युद्ध क्यों किया गया। इस्माइल बघाई ने आरोप लगाया कि ईरान पर हमला बिना किसी उकसावे के किया गया और इसमें कई गलत काम हुए हैं।
उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें अमेरिकी सांसद किर्स्टन गिलिब्रैंड सीनेट (संसद) की सुनवाई में कह रही हैं कि हमारे पास ऐसा कोई सबूत नहीं था कि ईरान अमेरिका पर तुरंत हमला करने वाला था।
अमेरिका किसी भी समझौते का पालन
ईरान के सीनियर मिलिट्री अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने आशंका जताई है कि अमेरिका के साथ फिर से युद्ध शुरू हो सकता है। ईरान की फॉर्स न्यूज एजेंसी ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी भी समझौते या वादे का पालन नहीं करता। असदी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयान और कदम ज्यादातर दिखावटी और मीडिया के लिए होते हैं। उनका मकसद पहले तेल की कीमतों को गिरने से रोकना और दूसरा अपनी बनाई हुई मुश्किल स्थिति से बाहर निकलना है।


