
नरसंहार को रोकने के लिए कोई भी कदम उठा सकता है अमेरिका
US Iran Confrontation, (आज समाज), नई दिल्ली: अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हो रही क्रूर दमनकारी कार्रवाई को रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने ईरान के लोगों की बहादुरी की सराहना की और कहा कि ईरान के लोगों ने इतिहास में कभी भी इतने जोरदार तरीके से आजादी की मांग नहीं की। वाल्ट्ज ने कहा, ट्रम्प एक्शन लेने वाले इंसान हैं, लंबी-लंबी बातें करने वाले नहीं।
वाल्ट्ज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के नेतृत्व को पता होना चाहिए कि अमेरिका इस नरसंहार को रोकने के लिए कोई भी कदम उठा सकता है। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की इस बैठक में ईरान के उप-राजदूत ने जवाब दिया कि उनका देश टकराव नहीं चाहता, लेकिन अगर अमेरिका की ओर से कोई आक्रामक कदम उठाया गया तो ईरान जवाब देगा।
ईरान न तो तनाव बढ़ाना चाहता है और न ही टकराव
ईरान ने अमेरिकी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के उप राजदूत गुलाम हुसैन दर्जी ने कहा कि अमेरिका गलत जानकारी फैला रहा है और जानबूझकर अशांति को हिंसा की ओर मोड़ रहा है। दर्जी ने सुरक्षा परिषद से कहा कि ईरान न तो तनाव बढ़ाना चाहता है और न ही टकराव चाहता है। दर्जी ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की कार्रवाई का निर्णायक और कानूनी जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह धमकी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत दिया गया बयान है।
मानवाधिकारों की आड़ में शासन बदलने और हमला करने की तैयारी कर रहा अमेरिका
ईरानी राजदूत ने आरोप लगाया कि अमेरिका मानवाधिकारों की आड़ में शासन बदलने और हमला करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने अमेरिका में हुए मानवाधिकार उल्लंघनों का भी जिक्र किया, जिसमें मिनेसोटा राज्य में एक इमिग्रेशन अधिकारी ने रेनी गुड की हत्या को गोली मार दी थी।
रूस ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से टकराव रोकने की अपील की
रूस ने भी अमेरिका की आलोचना की। संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत वासिली नेबेंजिया ने कहा कि अमेरिका इस बैठक का इस्तेमाल ईरान के आंतरिक मामलों में दखल और आक्रामकता को सही ठहराने के लिए कर रहा है। नेबेंजिया ने चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं और पूरा क्षेत्र खून-खराबे में डूब सकता है, जिसका असर आसपास के दूसरे देशों पर भी पड़ेगा। रूस ने संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देशों से बड़े टकराव को रोकने की अपील की।
फ्रांस और ब्रिटेन ने ईरान की कार्रवाई को क्रूर बताया
वहीं फ्रांस और ब्रिटेन ने ईरान की कार्रवाई को क्रूर बताया। फ्रांस के राजदूत जेरोम बोनाफोंट ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर हो रहे दमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा होनी चाहिए। उन्होंने ईरान नए प्रतिबंधों की चेतावनी दी।
अमेरिका ने ईरानी नेतृत्व पर नए प्रतिबंध लगाए
बैठक के साथ ही अमेरिका ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर नए प्रतिबंधों का ऐलान किया। ट्रम्प प्रशासन ने 18 ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नए प्रतिबंधों लगाए हैं। इनमें ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी और कई अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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