Tiger terror continues in Sitapur : सीतापुर के महोली कोतवाली इलाके में बीते 7 दिनों से करीब दर्जनों गांव में बाघ की दहशत बरकरार है। पिछले 6 दिनों में दो किसानों की मौत और दो मवेशियों को अपना शिकार बनाने के बावजूद बाघ वन विभाग की पकड़ दूर है।
वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए 10 ट्रैप कैमरे,एक थर्मल ड्रोन,तीन मचान, दो पिंजरे सहित 40 विशेषज्ञों की टीम लगातार बाघ को पकड़ने में लगी हुई है लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।मालूम हो कि महोली इलाके के ग्राम नरनी में 22 अगस्त को किसान शुभम दीक्षित और 29 अगस्त को ग्राम बसारा में किसान राकेश की मौत के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। हालांकि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक वन विभाग को कोई पगचिह्न नहीं मिले है। हालांकि ग्रामीण वन विभाग की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है और आक्रोशित नजर आ रहे है।
बाघ की मचान बनाकर की जा रही है निगरानी
वन विभाग की जिम्मेदार अधिकारी डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि दोनों प्रभावित गांवों में पिंजरे के साथ मचान बनाकर बाघ की लगातार निगरानी की जा रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। पीएचसी को कमांड सेंटर बनाकर वन विभाग डेरा डाले हुए लेकिन वन विभाग को खेतों में खड़ी फसलों के बीच बाघ नजर नहीं आ रहा है।
बाघ की दहशत के बीच राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी भी प्रभावित गांवों में पहुंचकर परिजनों से मुलाकात करते हुए आर्थिक सहायता के साथ सांत्वना तो दे रहे हैं लेकिन बाघ को पकड़ने के लिए कोई भरसक प्रयास न होने से नाराजगी भी व्यक्त कर रहे है।
यह भी पढ़े:-Uttar Pradesh: मुजफ़्फरनगर में सड़क दुर्घटना, RAF की 12 महिला जवान घायल