Pakistan-Afghanistan War : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध तेज

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Pakistan-Afghanistan War : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध तेज
Pakistan-Afghanistan War : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध तेज

अफगानिस्तान ने रावलपिंडी, क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा पर हमले करने का किया दावा

Pakistan-Afghanistan War (आज समाज), काबुल : एक तरफ जहां ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया के आधा दर्जन से ज्यादा देशों में युद्ध की आग फैल चुकी है तो वहीं पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी युद्ध तेज हो गया है। पिछले करीब पांच दिन से दोनों देशों द्वारा एक दूसरे पर हवाई व मैदानी हमले जारी हैं।

इस युद्ध में दोनों देश एक दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। पाकिस्तान जहां दावा कर रहा है कि इस संघर्ष में उसने अफगानिस्तान के सैकड़ों लड़ाकों को मार गिराया है तो वहीं अफगानिस्तान यह दावा कर रहा है कि उसने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर कई पाकिस्तानी चौकियों को अपने कब्जे में ले लिया है।

अफगानिस्तान रक्षा मंत्रालय ने यह दावा किया

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया, अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई से दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर हुए। इसके अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन के मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप पर भी बमबारी की गई। तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान के कई अन्य जरूरी सैन्य कमांड सेंटरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ का बदला लिया

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह आॅपरेशन पाकिस्तानी सेना की हालिया घुसपैठ का बदला है। पाकिस्तान ने पिछले दिनों काबुल और बगराम एयरबेस पर हमले किए थे। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने फिर से अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन किया या कोई आक्रामक हरकत की, तो उसे और भी कड़ा और निर्णायक जवाब मिलेगा। यह तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का एलान कर दिया।

पाकिस्तान ने शुक्रवार को काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की थीं। इसके कुछ घंटों बाद ही अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे मई 2025 में भारत के ‘आॅपरेशन सिंदूर’ के समय भी निशाना बनाया गया था। उस हमले में बेस के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा था।

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