- बीकॉम की छात्रा की हत्या नही बल्कि उसने की आत्महत्या
- बीकॉम में फेल होने पर कुरूक्षेत्र से लौटते समय उठाया कदम, मोबाइल फोन में मिला सुसाइड नोट
- व्हाट्सअप पर बहन को भी भेजा था संदेश
Jind News(आज समाज नेटवर्क)जींद। गांव बडनपुर के निकट संदिग्ध हालात में नहर में मृत मिली छात्रा की हत्या नही बल्कि उसने आत्महत्या की थी। मृतका बीकॉम में फेल हो गई थी। इसी के चलते उसने नहर में कूद कर आत्महत्या की थी। छात्रा के बैग में मिले मोबाइल फोन में सुसाइड नोट भी मिला है। मृतका ने अपनी बहन को मैसेज भी किया था। छात्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझने के साथ पुलिस ने राहत की सांस ली है। सोमवार को पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौप दिया है।गौरतलब है कि गांव कालता निवासी सलोनी (22) गत नौ जनवरी को कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से अपनी बीकॉम की डीएमसी लेने गई थी।
जिसका शव 11 जनवरी शाम को गांव बडनपुर के निकट सिरसा ब्रांच नहर मिला था। परिजनों का आरोप था कि सलोनी की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई है। परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करने समेत अन्य मांगो को लेकर पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था और नरवाना सरकारी अस्पताल में धरना भी शुरू कर दिया था। हालांकि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया हुआ है। डीएसपी कमलदीप ने बताया कि सलोनी बीकॉम में फेल होने के कारण डिप्रेशन में थी। जिसके चलते उसने आत्महत्या की। सलोनी के मोबाइल फोन के व्हाट्सअप पर सुसाइड नोट मिला है। उसने अपनी बहन को व्हाट्सअप के मैसेज भी भेजा था। डीएसपी ने युवा वर्ग को एक संदेश भी दिया की आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है जीवन अनमोल है।
मोबाइल फोन बरामद हुआ तो मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने मोबाइल फोन को ट्रैक किया तो उसकी लोकेशन नहर पर पाई गई। जिस पर पुलिस ने सलोनी के बैग को नहर पटरी से बरामद कर लिया। पुलिस ने जब सलोनी के मोबाइल फोन को खंगाला तो उसमें सुसाइड नोट मिलने के साथ उसकी बहन के पास मैसज भी किया हुआ मिला। सुसाइड नोट में बीकॉम में फेल होना बताया गया। जिसके बारे में सलोनी ने परिजनों को नही बताया था। हालांकि उसे मालूम था । जिसके चलते वह डिप्रेशन में चली गई थी। कुरूक्षेत्र से लौटते समय नरवाना रेलगाड़ी से उतर कर नहर में कूद कर आत्महत्या कर ली।
सलोनी ने सुसाइड नोट में ये लिखा
मैं जानती हूं, मैंने बहुत दुख दिया है सबको। पर ट्रस्ट में मैंने ऐसा कभी नहीं चाहा। मम्मी-पापा सबकी बहुत बड़ी गुनहगार हूं। मैं एक अच्छी बेटी नहीं हूं। मैं बहुत बुरी बेटी हूं। एक बुरी बहन हूं। मुझे नहीं पता मैं कैंसे बताऊं क्या बोलूं। बस मुझे आखिरी बार माफ कर देना। इसके बाद मैं कभी कोई दुख नहीं दूंगी। मैं फेल हो गई हूं ग्रेजुएशन में। मैं यह दुख सहन नहीं कर सकती। ऐसा नही है, मैंने कोशिश नहीं कि बताने की पर कभी बोल नहीं पाई। मैं यूनिवर्सिटी कंपलीट होते ही मरना चाहती थी, पर नहीं कर पाई। तुम सबके साथ थोड़ा ओर जीना चाहती थी। इसलिए जब हुआ मैंने यह सच नहीं बताया। पर मैं अब और झूठ नहीं बोल सकती। मुझे माफ क र देना। मैं सबको बहुत प्यार करती हूं, यह सच है। मैं इतनी अच्छी फैमिली डिजर्व नही करती, मेरा मर जाना ही बेहतर है।
मम्मी पापा दोनों दुनिया के सबसे अच्छे माता-पिता
मेरा आप सबके साथ सफर यही तक था। मैं दुआ करूंगी कि आप सब खुश रहो। तुम दुनिया की सबसे अच्छी सिस्टर हो और हमेशा रहोगी, यह मैं कहती हूं। तुम सबका ख्याल रखना। मेरी वजह से कोई दुखी न हो। मैं जानती हूं, यह जिम्मेदारी बहुत बड़ी है, तुझे अकेले पूरी फैमिली संभालनी है। पर मुझे यकीन है, मेरी बहन सब संभाल लेगी। इसलिए तेरे भरोसे सब छोड़ जा रही हूं। मम्मी-पापा को कहना वो दोनों दुनिया के अच्छे पेरेंसट हैं और मददगार हैं। पर मैं और धोखे में नहीं रख सकती सबको।
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